फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   smuggling of herbs in Himachal

हिमाचल से जड़ी-बूटियों की तस्करी पर बड़ा ख्ाुलासा

Mon, 12 May 2014 06:56 PM IST
Updated Mon, 12 May 2014 06:56 PM IST
विज्ञापन
smuggling of herbs in Himachal

हिमाचल प्रदेश में जड़ी बूटियों की जमकर तस्करी की जा रही है। प्रदेश की अकूत प्राकृतिक वन संपदा को कौड़ियों के भाव दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में बिक्री की जा रही है।

विज्ञापन


इससे प्रदेश सरकार को करोड़ों रुपये सालाना राजस्व का चूना लगा रहा है। राज्य विविधता बोर्ड की ओर से 21 से 28 अप्रैल के बीच की गई एक गोपनीय जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।
विज्ञापन


बोर्ड की टीम ने शिमला, मंडी और किन्नौर जिलों में यह जांच की थी। इस दौरान ये बड़ा खुलासा सामने आया। इससे सरकार के वन निगरानी के दावे भी हवा हो गए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

हिमाचल में बड़े पैमाने पर हैं जड़ी बूटियां

smuggling of herbs in Himachal

सूबे के जंगलों में बड़े पैमाने में ऐसी जड़ी बूटियां हैं, जो दवाएं बनाने के काम में आती है। ऐसी जड़ी बूटियों को कौड़ी के भाव खरीदने के लिए एजेंटों की मदद ली जा रही है।

सूत्रों का कहना है कि निजी कंपनियों की ओर से एजेंटों का पूरा एक नेटवर्क तैयार किया गया है। इनकी मदद से पूरा खेल किया जा रहा है। एजेंट स्थानीय स्तर पर पहुंचकर करोड़ों रुपये की जड़ी बूटी तस्करी करके दिल्ली, पंजाब और हरियाणा के मार्केट में पहुंचा रहे हैं।

पूरे तस्करी से हिमाचल सरकार को सालाना करोड़ों रुपये राजस्व की क्षति हो रही है, लेकिन अभी तक इस पर अंकुश लगाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है।

दूसरे जिलों में भी होगी जांच

smuggling of herbs in Himachal

शिमला, मंडी, कुल्लू और किन्नौर जिले में अभी तक जांच की गई है। प्रदेश के दूसरे अन्य जिलों में भी इसको लेकर हिमाचल प्रदेश जैव विविधता बोर्ड की ओर से जांच करने की तैयारी है, जिससे यह पता चल सके कि किस जिले में कहां-कहां से जड़ी बूटियों की तस्करी की जा रही है।

हिमाचल प्रदेश जैव विविधता बोर्ड के सदस्य सचिव डॉ. एसएस नेगी का कहना है कि प्रदेश में हर साल करोड़ों रुपये की जड़ी बूटियों की तस्करी की जा रही है।

जांच में यह तथ्य सामने आ चुका है। प्रदेश भर की पड़ताल करने के बाद एक सूची तैयार की जाएगा। उस सूची को जंगलात महकमे को सौंप दी जाएगी, जिससे तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए जंगलात महकमा स्तर पर कार्रवाई की जा सके।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed