चाची-भतीजे का शातिर दिमाग, 16 लाख की ठगी कर फरार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
का शिकार हुए लोग पांवटा पुलिस थाना पहुंचे हैं। शिकायत मिलने पर पुलिस चाची और भतीजे की संभावित ठिकानों पर तलाश में जुट गई है। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ अरसे से पांवटा में ये दोनों लोगों को झांसे में ले रहे थे। करीब 16 लाख से अधिक की नकदी के साथ दोनों फुर्र हो गए हैं।
ठगी का शिकार लोगों का कहना है कि दोनों खुद को दिल्ली निवासी बता रहे थे। महिला का नाम रमनजीत कौर बताया जा रहा है। माजरा निवासी राधेश्याम ने पुलिस को बताया कि 6 जुलाई को मकान खरीदने के लिए 11.50 लाख रुपये बैंक से निकाले। महिला को रकम दे दी। बैंक से महिला ने भतीजे को अदालत में एग्रीमेंट बनाने के लिए साथ भेजा।
शौच का बहाना बनाकर फरार
दस्तावेजों के साथ अधिवक्ता के पास एग्रीमेंट बनाने पहुंचे। महिला का भतीजा शौच का बहाना बनाकर बाहर निकला और फिर लौटा नहीं। बाद में पता चला कि जो मकान वो बेचने वाले थे। वे खुद वहां स्वयं किराये पर रहते थे। शातिर जोड़ी ने स्थानीय ई-रिक्शा चालक को भी शिकार बनाया।
इसके नाम पर इन्होंने 60 हजार की स्कूटी खरीद ली। अब इसकी किश्तें भी ई-रिक्शा चालक को चुकानी पड़ रही हैं। तीसरे मामले में पांवटा का एक ज्वेलर भी ठगी का शिकार हुआ है। चाची और भतीजा ने करीब 4.50 लाख का चूना लगा दिया। पहले ज्वेलर्स के पास लाखों की कमेटी डाली। ज्वेलर को विश्वास में लेकर दोनों लाखों रुपये के साथ नौ दो ग्यारह हो गए।
डीएसपी प्रमोद चौहान ने बताया कि दिल्ली में आरोपी महिला रमनजीत और उसके भतीजे के घर पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि ठग महिला और कथित भतीजे पर दिल्ली में लाखों की जालसाजी के कई मामले दर्ज हैं।