पकड़ा गया 32 लाख की चोरी करने वाला गिरोह
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हमीरपुर के नादौन में भारतीय स्टेट बैंक में 32 लाख रुपये की चोरी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस कुछ आरोपियों को पकड़ कर हमीरपुर ले आई है। पूछताछ में आरोपियों ने अपना गुनाह भी कबूल कर लिया है।
हालांकि, अभी मुख्य सरगना तथा 32 लाख की राशि का पर्दाफाश होना शेष है। एसपी हमीरपुर अजय बौद्ध ने बताया कि नाबालिगों ने मामले में अपनी भूमिका स्वीकार की है। महिला से पूछताछ की जा रही है। उसके पति को साथ लेकर एक टीम इनके गांव रवाना कर दी गई है।
पकडे़ गए आरोपियों में शिवानंद, उसकी पत्नी नरगिस तथा उनका 10 वर्षीय बेटा और नरगिस की बहन का 12 वर्षीय बेटा शामिल हैं। पुलिस के अनुसार लंबे समय से इनके मोबाइल ट्रैप किए जा रहे थे।
ऐसे पकड़े गए आरोपी
पिछले दिनों इनकी लोकेशन करनाल रेलवे स्टेशन के आसपास पाई गई। इसके चलते पुलिस ने करनाल पुलिस को उक्त इलाका की नाकाबंदी करने को कहा। करनाल पुलिस के सहयोग से इन्हें पकड़ने में कामयाबी पाई।
प्रारंभिक पूछताछ में दोनों बच्चों ने बैंक से बैग उठाने में सहयोग करने की बात कबूल कर ली है। महिला के पति को लेकर डीएसपी लालमन शर्मा की अगुवाई में एक टीम मध्य प्रदेश रवाना हो चुकी है। अब अहम खुलासे होने की उम्मीद है।
पूछताछ के दौरान बच्चों ने बताया कि वे परिजनों शिवानंद, नरगिस, मीना, रेखा, विकास, अभिषेक, अविनाश, धर्मा व एक अन्य नाबालिग सहित कांगड़ा पहुंचे थे। चार-पांच दिनक कांगड़ा रेलवे स्टेशन के आसपास रुके। कहीं चोरी करने में नाकाम रहे। इसके बाद वे नादौन पहुंचे। बैंक में चोरी कर भाग गए। आरोपी मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिला के कुरखेड़ी गांव निवासी हैं।
ऐसे की थी चोरी
एसबीआई शाखा में तीन नाबालिग अंदर चले गए। 20 और 25 वर्ष के बीच के अन्य चार युवक बैंक से थोड़ा दूर खड़ा हो गए। बच्चों के अनुसार इनके साथ आया विकास इनके गांव के सरपंच का बेटा है। उसने उन्हें बैंक के अंदर से कोई भी पैसों से भरा बैग उठाकर लाने का आदेश दिया।
बैंक के अंदर तीनों ने जब देखा कि एक व्यक्ति ने बैग काउंटर पर रखा है तो उनमें से एक ने उस बैग को उठा लिया। उन्हें न तो यह पता था कि उक्त व्यक्ति बैंक का कैशियर है और न ही इस बात का अंदाजा था कि उसमें कितने रुपये हैं।
बच्चों के बाहर निकलते ही विकास ने बैग ले लिया और नादौन बस अड्डा से लगभग पौने एक बजे कांगड़ा के लिए बस ले ली। फिर पठानकोट पहुंचे। यहां से ट्रेन लेकर अपने गांव पहुंचे। एसपी अजय बौद्ध ने बताया कि बच्चों की संलिप्तता पाई जाती है तो उन्हें बाल सुधार गृह भेजा जाएगा। पकड़ी गई महिला को हिरासत में लेकर अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा। मामले से जुडे़ अन्य आरोपियों को पकड़ने के प्रयास तेज कर दिए हैं।