एसबीआई लूट: पुलिस के हाथ लगी बड़ी कामयाबी
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स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की नादौन शाखा से उड़ाए 32 लाख में से नादौन पुलिस ने 11 लाख रुपये बरामद कर लिए हैं। यह राशि मध्य प्रदेश में एक आरोपी धर्मपाल के घर से बरामद की है। इस मामले में अभी और गिरफ्तारियां संभव है। सभी आरोपी मध्य प्रदेश में तामसी समुदाय से संबंध रखते हैं। छोटी मोटी चोरी चकारी कर अपने परिवार को पालते हैं।
अब तक की जांच में सामने आया है कि बैंक की यह चोरी सुनियोजित नहीं थी बल्कि बच्चे छोटा मोटा हाथ मारने के इरादे से बैंक में दाखिल हुए थे। वह पैसों से भरा बैग लेकर फरार हो गए उन्हें इसका पता ही नहीं था कि इसमें इतनी रकम होगी। डीएसपी लालमन शर्मा के नेतृत्व में मध्यप्रदेश गई पुलिस टीम ने चोरी करने वाले गिरोह के एक सदस्य धर्मपाल को हिरासत में लेकर यह सफलता हासिल की।
16 अक्तूबर तक पुलिस रिमांड पर
आरोपी धर्मपाल को 16 अक्तूबर तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। डीएसपी लालमन शर्मा ने रविवार को पत्रकारों को बताया कि अब तक पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि घटना वाले दिन धर्मपाल और पहले पकड़ी गई महिला नरगिस तीन बच्चों सहित नादौन आए थे जबकि बाकि सब लोग ज्वालामुखी रुके थे।
उन्होंने बताया कि इस वारदात में मुख्य रूप से शामिल दो बच्चे, एक महिला और एक पुरुषे सामने आ चुके हैं। जबकि अन्य आरोपियों के बारे में गिरफ्तार धर्मपाल और नरगिस से पूछताछ जारी है ।
पारिवारिक समूहों में रहकर अंजाम देते हैं वारदात
इस पूरे मामले में यह खुलासा चौंकाने वाला है कि ये लोग हमेशा एक परिवारिक समूह में रहकर ऐसी वारदातों को अंजाम देते हैं। फूलों के गुलदस्ते बना कर बेचने का कार्य सिर्फ दिखावे के लिए करते हैं ताकि चोरी पर किसी को शक न हो।
पुलिस के अनुसार, गुलखेड़ी गांव से संबंध रखने वाले इस समूह के कई लोग छोटी-मोटी चोरियां करने का कार्य करते हैं। हालांकि यह गांव काफी बड़ा है लेकिन एक विशेष समूह इस कार्य में संलिप्त है।
बैग में पड़ी राशि का बाद में चला पता: पुलिस
पूछताछ में यह बात भी सामने आई है कि उन्होंने केवल बैग उठाने की ही सोची थी। उन्हें बैग में पड़े 32 लाख रुपयों का चोरी के काफी समय बाद पता चला। चोरी करते हुए पकड़े जाने पर लोग बच्चों को छोड़ देते हैं, इसलिए ये लोग चोरी में बच्चों को इस्तेमाल करते हैं। तीसरा आरोपी बच्चा पकड़ से दूर है लेकिन उसके बाप धर्मपाल पुलिस हिरासत में है।
कहां हैं 21 लाख ?
21 लाख की बरामदगी पुलिस के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। आरोपी महिला ने इस बारे में कुछ ठोस तथ्य पुलिस को दिए हैं जिसकी छानबीन चल रही है। वारदात के बाद आरोपियों ने भोपाल में डेरा डाल दिया था। इस बात की भनक लगते ही एक टीम भोपाल पहुंची लेकिन आरोपियों को पुलिस के आने की खबर पहले ही पहुंच गई। वह नौ दो ग्यारह हो गए। बाद में काफी मशक्कत के बाद हरियाणा में पकड़े गए।
क्या कहता है पुलिस प्रशासन
एसपी हमीरपुर अजय बौद्व ने कहा कि अब तक की जांच में सामने आया है कि यह चोरी सुनियोजित नहीं थी। 11 लाख बरामद किए जा चुके हैं। आरोपियों से पूछताछ जारी है। छानबीन चल रही है।