56 किस्तों में ठगे गए रिटायर अफसर, 17 लाख का चूना
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साइबर क्राइम का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से सीनियर प्राइवेट सेक्रेटरी पद से रिटायर जयराम को 25 लाख की लाटरी का झांसा देकर एक गिरोह ने करीब 17 लाख रुपये ऐंठ लिए।
लालच के चक्र में फंस कर रिटायर अफसर 56 किस्तों में यह पैसा एक अनजान बैंक खाते में जमा कराते रहे। जब तक होश आया तब तक बहुत देर हो चुकी थी। रिटायरमेंट में मिले 18 लाख रुपये डूब जाने के बाद सुंदरनगर (मंडी) निवासी अधिकारी की शिकायत के आधार पर थाना बालूगंज में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
जय राम 28 फरवरी 2011 को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्ति हुए। इस दौरान उन्हें करीब 18 लाख रुपये मिले। जून 2013 में उनके मोबाइल पर एक नंबर से कॉल आई, जिसमें बताया गया कि उनका मोबाइल नंबर लक्की ड्रा में चुना गया है। इस नंबर पर 25 लाख रुपये की लाटरी निकली है।
70 हजार और जमा करने को कहा
इनामी राशि पाने के लिए कुछ औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। इसके लिए 20 हजार रुपये फलां बैंक खाते में जमा करना होगा। जय राम ने रुपये जमा करवा दिए। शातिर ने रिटायर अधिकारी को समझाया कि चूंकि यह बड़ी रकम है इसलिए सुरक्षा के नजरिये से इसकी चर्चा घर वालों से भी न करें।
उसकी बात मानकर जय राम ने किसी को यह बात नहीं बताई और शातिर के कहने पर 56 किस्तों में 17 लाख 56 हजार 550 रुपये उसके खाते में जमा कर दिए।
इतने रुपये हड़पने के बाद उसने जयराम को एक रसीद भेजी, जिसमें खाते में डाली गई रकम का जिक्र था और साथ ही लिखा गया था कि आप के इनाम की रकम अब 58 लाख हो गई है, 70 हजार और डाल दो और लाटरी का पैसा ले लो। अब जाकर जयराम को ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने परिजनों को पूरी बात बताई।
मजेदार यह है कि शातिर एक ही नंबर से उन्हें कॉल करता था। पुलिस अधीक्षक अभिषेक दुल्लर ने कहा कि पीड़ित की शिकायत पर ठगी (धारा 420) का मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।