PWD के एक्सईएन को 4 साल की जेल, ठेकेदारों से वसूले थे 9.44 लाख
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ठेकेदारों से 9.44 लाख रुपये वसूलने के दोषी एक्सईएन को कोर्ट ने चार साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कुल्लू के स्पेशल जज प्रेमपाल रांटा की अदालत ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के एक अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) को चार साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
अदालत ने बुधवार को भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत एक मामले में अभियोग साबित होने पर दोषी टेक चंद गुप्ता निवासी रौड़ा सेक्टर बिलासपुर को यह सजा सुनाई है। दोषी को 20 हजार रुपये जुर्माना देने के आदेश भी दिए। जुर्माना अदा न करने पर उसे छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
विजिलेंस 2009 में उक्त अधिशासी अभियंता को ठेकेदारों से काम की एवज में रुपये वसूलने के आरोप में 9.44 लाख रुपये के साथ गिरफ्तार किया था। जानकारी के अनुसार 16 दिसंबर, 2009 को विजिलेंस कुल्लू ने गुप्त सूचना पर योजनाबद्ध तरीके से काजा से कुल्लू की तरफ आ रहे एक सरकारी वाहन को तलाशी के लिए मनाली के बाहंग में रोका।
मनाली के बाहंग में विजिलेंस ने पकड़े थे 9.44 लाख
इस दौरान वाहन में रखे एक बैग से 9.44 लाख रुपये की राशि बरामद हुई। विजिलेंस ने भ्रष्टाचार निरोधक कानून-1988 की धारा 13 (2) के तहत गाड़ी में सवार तीन अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। इनमें अधिशासी अभियंता के अलावा एक सहायक अभियंता और एक कनिष्ठ अभियंता भी शामिल थे।
उस समय ये सभी अधिकारी काजा लोक निर्माण विभाग में तैनात थे। जांच पूरी करने के बाद विजिलेंस कुल्लू ने चालान कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें और गवाहों के बयान सुनने के बाद आरोपी अधिशासी अभियंता को दोषी माना।
अन्य दो अधिकारियों के विरुद्ध मामला कोर्ट में विचाराधीन है। विजिलेंस कुल्लू के एएसपी एनके शर्मा ने बताया कि केस की पैरवी विजिलेंस मंडी के न्यायवादी दिग्विजय राणा तथा उप न्यायवादी एनएस चौहान ने की। मामले में कुल 17 गवाहों को कोर्ट में पेश किया गया।