शिमला में अब कौन नहीं लगा पाएगा लालबत्ती?
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में बाहर से आने वाले वीआईपी पर लालबत्ती लगाकर घूमने पर रोक लगा दी गई है। इस व्यवस्था के दायरे में शिमला को छोड़कर अन्य क्षेत्रों के सांसद-विधायक,डीसी और एसपी को भी शामिल किया गया है।
नई व्यवस्था के तहत बुधवार को सबसे पहले नाचन विधानसभा क्षेत्र के विधायक विनोद कुमार की गाड़ी से पुलिस ने लालबत्ती उतार दी। पुलिस ने नेता की गाड़ी को रोककर ये कार्रवाई की।
पुलिस के अनुसार शासन से जुड़े कुछ लोग कानून को ठेंगे पर रखकर लाल और नीली बत्ती का गैर कानूनी तौर पर इस्तेमाल करते हैं। ये लोग केवल अपने कार्यक्षेत्र की सीमा तक गाड़ी में बत्ती लगाने के लिए अधिकृत हैं।
नियमों का कर रहे उल्लघंन
पुलिस के अनुसार कुछ नेता अपने क्षेत्राधिकार से बाहर निकलने पर भी लालबत्ती नहीं उतारते। पर्यटन स्थल और प्रदेश की राजधानी होने की वजह से शिमला में रोजाना लालबत्ती गाड़ियों का तांता लगा रहता है।
ये गाड़ियां ट्रैफिक नियमों को तोड़ने में भी नहीं हिचकती। इसका सीधा असर शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पर पड़ता है। इसीलिए सख्ती के साथ नई व्यवस्था को लागू किया गया है।
एसपी शिमला डीडब्ल्यू नेगी ने कहा कि बाहर से आने वाली सभी गाड़ियों की लाल और नीली बत्ती उतारने के निर्देश दिए हैं। यह व्यवस्था सभी सांसदों,विधायकों,डीसी और एसपी पर भी लागू होगी। अवैध तौर पर गाड़ी में बत्ती लगाने वाले के खिलाफ विशेष अभियान छेड़ दिया है।