{"_id":"cea638f4fb99300266a66f7dc37962e1","slug":"phone-tapping-case-bhandari-main-accused","type":"story","status":"publish","title_hn":"फोन टैपिंग केस में भंडारी मुख्य आरोपी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
फोन टैपिंग केस में भंडारी मुख्य आरोपी
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Thu, 22 May 2014 11:23 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लोकसभा चुनाव नतीजों के तुरंत बाद विजिलेंस ब्यूरो ने बहुचर्चित फोन टैपिंग केस में चालान तैयार कर लिया। सूत्र बताते हैं कि एडीजीपी विजिलेंस ने वीरवार को फाइल साइन कर दी और उसे शुक्रवार को सरकार को सौंपा जाएगा।
विज्ञापन
सरकार अभियोजन मंजूरी की प्रक्रिया पूरी करेगी और इसके बाद चालान कोर्ट में दायर होगा। विजिलेंस ने इस केस में 26 जून 2013 को बेनाम एफआईआर दर्ज की थी।
सूत्र कहते हैं कि जांच एजेंसी ने इस केस में पूर्व डीजीपी एवं सीआईडी के पूर्व मुखिया आईडी भंडारी को मुख्य आरोपी बनाया है जबकि अन्य नामों का खुलासा अभी नहीं हुआ है।
विज्ञापन
हालांकि चालान में टैप हुए फोन की संख्या बहुत कम है। पहले इसे हजारों में बताया गया था। मुख्य आरोप रिकार्डेड बातचीत को तय समय पर नष्ट न करने और इंडियन टेलीग्राफ एक्ट की उल्लंघन का है।
विज्ञापन
जांच एजेंसी को 2009 के बाद की रिकार्डिंग 8 सीडी और 2 पैन ड्राइव में सीआईडी के यहां मिली हैं। यह आरोप भी है कि कुछ अनुमतियां ऐसी दी गईं, जिनमें पूरे नाम और पते भी नहीं लिखे हैं।
इस मामले में विजिलेंस ने सर्विस प्रोवाइडर मोबाइल कंपनियों को आरोपी नहीं बनाया है। विजिलेंस के डीआईजी एपी सिंह ने चालान तैयार होने की पुष्टि करते हुए बताया कि अब इसे सरकार को भेजा जा रहा है। केस में ऐसे पर्याप्त सबूत हैं, जिनके आधार पर कोर्ट में इसे साबित किया जा सके।
शपथ से पहले सीज हुआ था रिकार्ड
फोन टैपिंग केस में सीआईडी के तकनीकी विंग से सारा रिकार्ड 24 दिसंबर 2012 को वीरभद्र सिंह के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने से पहले जब्त किया गया था। इसके बाद फोरेंसिक लैब जुन्गा ने इसका विश्लेषण किया था।