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एनएसजी कंमाडो की मौत का राज खोलेगी सीबीआई
ब्यूराे/अमर उजाला, ऊना
Updated Sat, 28 Jun 2014 02:02 PM IST
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हिमाचल हाईकोर्ट ने रहस्यमय परिस्थितियों में मारे गए एनएसजी कमांडो की जांच का जिम्मा सीबीआई को सौंपा है। शुक्रवार को न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायाधीश सुरेश्वर ठाकुर ने एसपी सीबीआई को आदेश दिए हैं कि वह मामले की जांच आठ सप्ताह में पूरी करे और सक्षम अदालत में चालान पेश करे।
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एनएसजी कमांडो यशपाल शर्मा के पिता की दायर याचिका को स्वीकारते हुए अदालत ने अपने आदेश में कहा कि इस मामले में 13 फरवरी 2013 को एफआईआर दर्ज की गई थी, लेकिन पुलिस आरोपी को पकड़ने में असफल रही है। अदालत ने पाया कि मामले से जुड़े पहलुओं की जांच सीबीआई से करवाना जरूरी है।
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याचिका में दिए तथ्यों के अनुसार मृतक यशपाल शर्मा एनएसजी में कमांडो के पद पर तैनात था और दिल्ली में अपनी सेवाएं दे रहा था। फरवरी 2013 में वह छुट्टी पर अपने घर आया था। 12 फरवरी 2013 को वह टिकट बुक करवाने ऊना रेलवे स्टेशन गया था, जहां से वापस नहीं लौटा। 13 फरवरी 2013 को उसकी गुमशुदगी की पुलिस स्टेशन गगरेट में एफआईआर दर्ज की गई थी।
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लेकिन बाद में पुलिस ने उसका शव ऊना के जोह गांव से बरामद किया था। जिन लोगों से शक के आधार पर पूछताछ हुई थी, उन्हें जमानत पर बाद में छोड़ दिया गया। इस मामले में पुलिस अभी तक कोई कार्रवाई नहीं कर सकी है।
मृतक के पिता ने हाईकोर्ट से इस मामले की जांच का जिम्मा सीबीआई को देने की गुहार लगाई थी। अदालत ने प्रार्थी की याचिका को स्वीकारते हुए सीबीआई को ये केस दे दिया है।