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पुलिस को महिला आयोग का नोटिस, कहा हमें जवाब चाहिए
टीम डिजिटल/अमर उजाला, शिमला
Updated Thu, 17 Apr 2014 09:12 AM IST
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महिला आयोग के नोटिस का जवाब पुलिस ने नहीं दिया है। महिला आयोग की अध्यक्ष जैनब चंदेल ने बताया कि पुलिस को दोबारा रिमांइडर भेजा गया है।
शनिवार को आयोग अध्यक्ष पीड़ित महिला से भी मुलाकात करेंगी। उधर, अप्राकृतिक यौनाचार केस में आरोपी भाजपा के पूर्व विधायक बलदेव शर्मा की जमानत अवधि 2 मई तक बढ़ गई है। वह भाजपा के चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं। पीड़ित महिला रोज थाने के चक्कर लगा रही है।
बुधवार को हाईकोर्ट ने इस शर्त पर अंतरिम जमानत की अवधि को बढ़ाया कि वह बिना जांच अफसर की अनुमति के पुलिस स्टेशन बालूगंज की परिधि के बाहर नहीं जाएंगे। इस मामले को लेकर पूर्व विधायक लोगों में भी कोई कमेंट नहीं करेंगे।
पुलिस ने की थी जमानत रद्द करने की अपील
शिमला पुलिस की ओर से अदालत में आरोपी की अंतरिम जमानत रदद् करने की अपील की गई थी। अंतरिम जमानत रद्द न होने पर पुलिस को झटका लगा है।
हालांकि सूत्र बताते हैं कि पुलिस इस केस की पैरवी लचर ढंग से कर रही है। इसी केस में एफआईआर लीक होने पर महिला आयोग की ओर से दिए गए नोटिस का जवाब देने में शिमला पुलिस आनाकानी कर रही है।
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एफआईआर की कापी कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय में खुलेआम मीडिया को बांटी गई। इस एफआईआर में कांग्रेस के एक नेता का भी नाम था। बाद में इसकी प्रतियां राजनीतिक इस्तेमाल के लिए पूर्व विधायक के चुनाव हलके में बांटी गईं।
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शनिवार को आयोग अध्यक्ष पीड़ित महिला से भी मुलाकात करेंगी। उधर, अप्राकृतिक यौनाचार केस में आरोपी भाजपा के पूर्व विधायक बलदेव शर्मा की जमानत अवधि 2 मई तक बढ़ गई है। वह भाजपा के चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं। पीड़ित महिला रोज थाने के चक्कर लगा रही है।
बुधवार को हाईकोर्ट ने इस शर्त पर अंतरिम जमानत की अवधि को बढ़ाया कि वह बिना जांच अफसर की अनुमति के पुलिस स्टेशन बालूगंज की परिधि के बाहर नहीं जाएंगे। इस मामले को लेकर पूर्व विधायक लोगों में भी कोई कमेंट नहीं करेंगे।
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पुलिस ने की थी जमानत रद्द करने की अपील
शिमला पुलिस की ओर से अदालत में आरोपी की अंतरिम जमानत रदद् करने की अपील की गई थी। अंतरिम जमानत रद्द न होने पर पुलिस को झटका लगा है।
हालांकि सूत्र बताते हैं कि पुलिस इस केस की पैरवी लचर ढंग से कर रही है। इसी केस में एफआईआर लीक होने पर महिला आयोग की ओर से दिए गए नोटिस का जवाब देने में शिमला पुलिस आनाकानी कर रही है।
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एफआईआर की कापी कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय में खुलेआम मीडिया को बांटी गई। इस एफआईआर में कांग्रेस के एक नेता का भी नाम था। बाद में इसकी प्रतियां राजनीतिक इस्तेमाल के लिए पूर्व विधायक के चुनाव हलके में बांटी गईं।