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मनी लांड्रिंग केस: एलआईसी एजेंट को हाईकोर्ट से भी झटका
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Updated Tue, 11 Apr 2017 12:02 AM IST
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दिल्ली हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में आरोपी उनके एलआईसी एजेंट आनंद सिंह चौहान की जमानत याचिका खारिज कर दी। प्रवर्तन निदेशालय ने चौहान को चंडीगढ़ से 8 जुलाई 2016 को गिरफ्तार किया था। न्यायमूर्ति विपिन सांघी ने आनंद चौहान के उस तर्क को खारिज कर दिया कि सीबीआई की ओर से दर्ज मामले के अनुसार मामले में मुख्य आरोपी वीरभद्र सिंह हैं और उन्हें अदालत ने संरक्षण प्रदान कर रखा है।
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इसके अलावा अदालत ने उस तर्क को भी खारिज कर दिया कि उसके खिलाफ मनी लांड्रिंग के तहत मामला नहीं बनता क्योंकि उसने संपत्ति अर्जित नहीं की है। इसके अलावा किसी अन्य द्वारा अर्जित संपत्ति व आय के आधार पर किसी अन्य पर मामला बनता है।
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उन्होंने कहा इसी अदालत ने वीरभद्र सिंह व उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह की याचिका खारिज करने के अलावा उनको मिली अंतरिम राहत संबंधी आदेश वापस ले लिया है। इसके अलावा सीबीआई ने उनके खिलाफ आरोपपत्र दायर कर दिया है और मीडिया में यह खबरें प्रमुखता से प्रकाशित भी हुई हैं।
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अदालत ने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने इससे पूर्व 20 अगस्त 2016 को याची की जमानत अर्जी खारिज करते हुए कहा था कि इस मामले में चौहान की संलिप्तता दिखाने के लिए पर्याप्त साक्ष्य हैं। वर्तमान में वे इस मुद्दे पर मेरिट के आधार पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते।
याची के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला नहीं है बल्कि आईपीसी की धारा 109 के तहत मामला है। वर्तमान में जांच जारी है ऐसे में वे जमानत याचिका खारिज करते हैं। याची ने तर्क रखा था कि उसकी हिरासत गैरकानूनी है और पूरा मामला राजनीति से प्रेरित है। उसे फर्जी मामले में फंसाया गया है।