अश्लील फिल्में दिखाकर नाबालिग से किया दुराचार, दस साल जेल
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नाबालिग से दुराचार करने के मामले में आरोपी को अदालत ने दस साल का कठोर कारावास और 11,000 रुपये जुर्माने की सजा का फैसला सुनाया है। अदालत ने पीड़िता के पक्ष में पीड़िता हर्जाना स्कीम के तहत 25,000 रुपये और आरोपी के जुर्माने की आधी राशि बतौर हर्जाना अदा करने के आदेश दिए हैं। मामला हिमाचल के मंडी जिले का है।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश बलदेव सिंह की विशेष अदालत ने सरकाघाट तहसील के दलोरी (नबाही) निवासी संतोष कुमार के खिलाफ प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फरोम सेक्सुअल ओफेंस (पोकसो) अधिनियम की धारा 4, 9 (एल) व भादंस की धारा 376 व 506 के तहत अभियोग साबित होने पर क्रमश: दस और एक साल की कठोर कारावास और दस हजार व एक हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। आरोपी के जुर्माना राशि को समय पर अदा न करने की सूरत में क्रमश: एक साल और दो माह के साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी। ये दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी।
100 रुपये का नोट दिखाकर दिखाई अश्लील फिल्म
अभियोजन पक्ष के अनुसार पीड़िता वर्ष 2013 में 15 वर्ष की थी। उसने अपनी माता को बताया कि एक महीने पहले आरोपी ने उसके साथ दो बार दुराचार किया था। पीड़िता की मानसिक क्षमता कमजोर है। आरोपी ने उसे 100 रुपये का नोट दिखाकर उसे मोबाइल पर अश्लील फिल्में दिखाई थीं। आरोपी ने इस बारे में किसी को बताने पर उसे जान से मारने की धमकी भी दी थी।
उपमंडल अधिकारी सरकाघाट को शिकायत देने पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज करके उसे हिरासत में लिया गया था। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए जिला न्यायवादी आरके कौशल ने 16 गवाहों के बयान कलमबंद करवा कर आरोपी के खिलाफ अभियोग साबित किया।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों से आरोपी के खिलाफ नाबालिग से दुराचार और उसे जान की मारने की धमकी देने का अभियोग संदेह की छाया से दूर साबित हुआ है। जिसके चलते अदालत ने आरोपी को उक्त कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं पर पीड़िता के पक्ष में हर्जाना राशि अदा करने का भी फैसला सुनाया है।