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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   life imprisonment to accused who burn alive his wife.

शराब पीने से रोका तो जिंदा जला दी पत्नी, मिली उम्रकैद

Thu, 19 May 2016 12:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Thu, 19 May 2016 12:01 AM IST
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life imprisonment to accused who burn alive his wife.
प्रदेश हाईकोर्ट ने पत्नी की हत्या के दोषी को उम्र कैद की सजा सुनाई है।

प्रदेश हाईकोर्ट ने पत्नी की हत्या के दोषी को उम्र कैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने सरकार की अपील को स्वीकार करते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कांगड़ा के फैसले को पलटते हुए दोषी को सीधे कंडा जेल भेज दिया।

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न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायाधीश सीबी बारोवालिया की खंडपीठ ने अपने आदेशों में स्पष्ट किया कि अभियोजन पक्ष ने संदेह से परे दोषी का दोष साबित किया है। पालमपुर निवासी बंदना और अजय कुमार की शादी फरवरी 2010 में हुई थी।
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10 अक्तूबर 2010 को अजय कुमार शराब पीकर घर आया। बंदना ने उसे रोका तो अजय ने पीटने का प्रयास किया। इसके बाद वह रसोई में चली गई तो आरोपी उसके पीछे पहुंच गया। रसोई में आते ही उसने बंदना पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा दी।

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चिल्‍लाने के बाद खुद ही आग बुझाई

life imprisonment to accused who burn alive his wife.
आग लगने के बाद पत्नी के चिल्लाने पर आरोपी ने आग बुझाने का प्रयास भी किया। - फोटो : Demo Pic

उसके चिल्लाने पर आरोपी ने आग बुझाने का प्रयास भी किया। घायलावस्था में बंदना को पालमपुर अस्पताल लाया गया। वहां पुलिस को उसने बयान दिया कि वह दुर्घटनावश आग की चपेट में आ गई थी लेकिन 25 अक्तूबर को अपना बयान बदलते हुए मजिस्ट्रेट के सामने कहा कि उस पर दुर्घटना वाले बयान के लिए दबाव बनाया गया था।

परिजनों को मारने की धमकी दी गई थी। पालमपुर थाने में मामला दर्ज कर पुलिस ने मामले की पड़ताल की। इस दौरान 30 अक्तूबर को बंदना की मौत हो गई। मामले की तफ्तीश के बाद अभियोजन पक्ष ने दहेज और हत्या का मामला सत्र न्यायाधीश कांगड़ा के सामने पेश किया।

सरकार की ओर से 18 गवाह पेश किए गए लेकिन निचली अदालत ने साक्ष्यों को पर्याप्त न मानते हुए अजय कुमार को बरी कर दिया। इसके बाद सरकार ने हाईकोर्ट में इस फैसले को 2012 में चुनौती दी जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया था और बुधवार को फैसला सुना दिया।

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