बिना इजाजत के काट डाले 93 हरे पेड़, वन विभाग ने जब्त की लकड़ी
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शहर से सटे कुंदला गांव में एक निजी भूमि पर 93 हरे पेड़ों को काट दिया गया। इन पेड़ों को काटने से पूर्व वन विभाग की अनुुमति नहीं ली थी। पेड़ों को काटने का काम रविवार रात से शुरू हुआ और एक ही दिन में मजदूरों ने झाड़ियों के अलावा बड़ी संख्या में पेड़ों को भी काट डाला।
इसकी सूचना स्थानीय ग्रामीणों ने वन विभाग को दी। विभाग की टीम ने मंगलवार सुबह मौके पर पहुंचकर पेड़ काटने में जुटे मजदूरों को भगा दिया। विभाग ने काटे गए पेड़ों को अपने कब्जे में ले लिया।
मजदूरों ने पूछताछ में पेड़ कटान में शहर के दो बिल्डरों का हाथ होने की बात कही है। बताया जा रहा है कि बिल्डरों ने जहां पेड़ कटवाए हैं वहां प्लॉट विकसित कर बेचने की तैयारी में थे।
इन प्रजाति के पेड़ाें का हुआ कटान
पेड़ कटान की भनक लगते ही विभाग ने रेंज ऑफिसर और बीओ को मौके पर भेज दिया था। मौके पर मौजूद वन विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि पेड़ों को अवैध रूप से काटा है। पेड़ काटने की अनुमति नहीं ली है।
उधर ग्रामीणों ने बताया कि कुछ दिन से मजदूर खेतों में झाड़ियां काटने का काम कर रहे थे। इन झाड़ियों को काटने के बाद उन्होंने पेड़ों को काटना भी शुरू कर दिया। ज्यादातर पेड़ रात के अंधेरे में काटे गए हैं।
बिना इजाजत कटे हैं पेड़ : वन विभाग
वन मंडल अधिकारी एचके शर्मा ने कहा कि निजी भूमि पर 93 हरे पेड़ काटे गए हैं। इन पेड़ों को काटने की कोई इजाजत नहीं ली गई थी। वन विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है और कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। जरूरत पड़ी तो आरोपियों के खिलाफ विभाग कोर्ट भी जाएगा। रिपोर्ट उन्हें मिल गई है अब नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
सिर्फ पांच पेड़ों की मिलती है इजाजत : शर्मा
निजी भूमि पर पेड़ काटने से पूर्व भी वन विभाग की इजाजत लेनी पड़ती है। विभाग ज्यादा से ज्यादा एक बार में पांच पेड़ काटने की इजाजत दे सकता है। लेकिन यदि पेड़ काटने से पूर्व इजाजत नहीं ली गई है तो विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाती है। डीएफओ एचके शर्मा के अनुसार कुंदला में कटे पेड़ों पर विभाग कार्रवाई करेगा।