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अब यहां भी कटे देवदार के 29 पेड़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंबा
Updated Tue, 09 Dec 2014 12:21 PM IST
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भरमौर के एलहमी जंगल में अवैध कटान की गुत्थी अभी सुलझी भी नहीं है। वन परिक्षेत्र मसरूंड के रूपणी और सिकरी के जंगलों में देवदार के 29 हरे पेड़ों को काटने का नया मामला सामने आ गया है। वन विभाग ने इस संबंध में सोमवार को पुलिस थाना तीसा में प्राथमिकी दर्ज करवा दी है।
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वन विभाग की टीम ने हाल ही में रूपणी और सिकरी के जंगलों का जायजा लिया था। जिसके बाद उन्होंने हरे पेड़ कटने की पुष्टि कर दी। पिछले दो दिन के दौरान जिले में अवैध कटान के खिलाफ वन विभाग द्वारा पुलिस में दर्ज कराया गया यह दूसरा मामला है। रविवार को वन मंत्री के क्षेत्र में 101 पेड़ काटे जाने पर विभाग ने एफआईआर दर्ज कराई थी।
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रूपणी और सिकरी के जंगलों में काटे गए देवदार के 29 पेड़ों की कीमत 15 लाख 34 हजार 474 रुपये आंकी गई है। विभाग की टीम ने शनिवार व रविवार को इन जंगलों का जायजा लिया था। देवदार के यह पेड़ अगर पूरी आयु तक रहते तो तो इनसे करोड़ों रुपये की लकड़ी निकल सकती थी।
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वन विभाग के संबंधित डीएफओ ने कहा कि विभाग अवैध कटान को कतई सहन नहीं करेगा। उन्होंने बताया कि इस संबंध में अग्रिम कार्रवाई करने के लिए पुलिस थाना तीसा में प्राथमिकी दर्ज करवा दी गई। जिसके चलते अब वन विभाग के साथ-साथ पुलिस महकमा भी इस अवैध कटान को अंजाम देने वालों तक पहुंचने के लिए सक्रियता से कार्य करेगा।
इस मामले की पुष्टि करते हुए एसपी चंबा डीके चौधरी ने बताया कि वन विभाग की शिकायत पर भारतीय दंड संहिता की धारा 379,201 तथा वन अधिनियम 41,42 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। डीएसपी सलूणी अजय राणा को मामले की जांच का जिम्मा सौंपा गया है।