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शिमला के जंगल में वन माफिया का कहर, दर्जनों पेड़ काटे

Mon, 23 May 2016 10:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहड़ू
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहड़ू Updated Mon, 23 May 2016 10:05 AM IST
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Illegal tree cutting in shimla forest.
बड़े पैमाने पर कटान के बाद विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। - फोटो : अमर उजाला

शिमला जिला के रोहड़ू की टिक्कर वन बीट के टिक्कर जंगल में वन माफिया की कुल्हाड़ी चली है। करीब तीस पेड़ साफ कर दिए गए हैं। देवदार और कायल के पेड़ों पर कुल्हाड़ी बरसी है। सूचना के बाद वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं।

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बड़े पैमाने पर कटान के बाद विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि पिछले तीन दिन से जंगल में अवैध कटान चल रहा था। विभाग इससे बेखबर रहा। एसडीएम रोहड़ू और डीएफओ ने मौके का जायजा लिया है। पेड़ किसने काटे, अब तक विभाग को पता नहीं है।
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हालांकि, विभाग दावा कर रहा है कि जल्द है कटान करने वाले सलाखों के पीछे होंगे। टिक्कर पीएचसी के समीप बाजार से करीब एक किलोमीटर दूर जंगल में करीब तीस कायल और देवदार के पेड़ों पर कुल्हाड़ी चली है। बताया जा रहा है कि तीन दिन से अवैध कटान चल रहा था।
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किसी व्यक्ति ने मामले की सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलने के बाद शुक्रवार को डीएफओ रोहड़ू तथा एसडीएम रोहड़ू मौके पर पहुंचे। कटे हुए पेड़ों को कब्जे में लेकर डीएफओ ने पेड़ कटान मामले की जांच शुरू कर दी है। अब तक मामले को लेकर किसी भी व्यक्ति की गिरफ्तार नहीं हुई है।


जुब्बल, बशला में मिले 65 पेड़
कुछ दिन पहले जुब्बल रेंज तथा बशला रेंज की सीमा पर वन विभाग ने 65 देवदार तथा कायल के स्लीपर बरामद किए थे। डीएफओ रोहड़ू चमन लाल ने  बताया कि टिक्कर के समीप जंगल में पेड़ काटने की सूचना उन्हें मिली थी। मौके पर जाकर छानबीन शुरू कर दी गई है। आगामी कार्रवाई की जा रही है।

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