डेढ़ साल बाद आईजी जैदी को मिली सर्वोच्च न्यायालय से जमानत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल के बहुचर्चित गुड़िया दुष्कर्म एवं हत्या मामले से जुड़े सूरज हत्याकांड में गिरफ्तार आईजी जहूर हैदर जैदी को करीब डेढ़ साल बाद सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है।
चीफ जस्टिस रंजन गोगई की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने जैदी को जमानत देते हुए कहा कि उन्हें ट्रायल कोर्ट द्वारा निर्धारित की जाने वाली जमानत की शर्तों का पालन करना होगा। ट्रायल कोर्ट जमानत की शर्त तय करेगा।
पीठ ने जैदी को जांच और गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश नहीं करने के लिए कहा है। इस से पहले हिमाचल हाईकोर्ट ने जैदी को जमानत देने से इनकार कर दिया था। जैदी ने हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।
गौरतलब है कि 29 अगस्त, 2017 को सीबीआई ने दसवीं की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म हत्या के आरोप में गिरफ्तार सूरज की पुलिस हिरासत के मौत के मामले में आईजी जैदी और ठियोग के तत्कालीन डीएसपी मनोज जोशी, कोटखाई थाने के एसएचओ राजिंद्र सिंह समेत आठ पुलिस कर्मी गिरफ्तार किए थे।
25 नवंबर, 2017 को सीबीआई ने अदालत ने इन सभी के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी। इसके बाद जांच एजेंसी ने घटना के समय शिमला के एसपी रहे डीडब्ल्यू नेगी को भी 16 नवंबर 2017 को गिरफ्तार कर लिया।
हालांकि इस बीच 19 जनवरी 2018 को आईजी जैदी ने चार्जशीट दाखिल होने का हवाला देते हुए हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में जमानत की याचिका दायर की थी, लेकिन कोर्ट ने उसे खारिज कर दिया। इसके बाद 23 मार्च 2018 को वह सुप्रीम कोर्ट चले गए।
यहां जानिए पूरा मामला
शिमला जिले के कोटखाई में दसवीं की छात्रा की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी थी। 6 जुलाई 2017 को गुड़िया का क्षत-विक्षत शव हलाइला के जंगल में मिलने के बाद मामले की जांच आईजी जैदी की अध्यक्षता वाली एसआईटी को दी गई।
पुलिस ने नेपाली मूल के व्यक्ति सूरज के अलावा पांच अन्य को गिरफ्तार कर मामले को सुलझाने का दावा कर दिया। हालांकि, पुलिस के इस दावे पर कई सवाल भी उठे।
इसी बीच, 18 जुलाई की रात कोटखाई थाने में सूरज की पुलिस कस्टडी में मौत हो गई। पुलिस ने एक अन्य आरोपी पर हत्या का मामला दर्ज कर दिया। 19 जुलाई को हाईकोर्ट ने गुड़िया व सूरज हत्याकांड की जांच सीबीआई को सौंप दी।
सीबीआई ने 29 अगस्त, 2017 को आईजी जैदी, डीएसपी ठियोग, एसएचओ कोटखाई समेत आठ कर्मचारियों को सूरज की हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की ओर से पकड़े सभी आरोपियों निर्दोष मानते हुए छोड़ दिया गया।