एचपीसीएः जांच में हुआ एक और बड़ा खुलासा
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एचपीसीए मामले में एक और खुलासा हुआ है। होटल पैवेलियन को बनाने के लिए न केवल पेड़ काटे गए, बल्कि लीज रूल्स भी तोड़े गए हैं। लीज रूल्स तोड़ने के ये प्रमाण विजिलेंस की तीसरी चार्जशीट में जोड़े गए हैं।
विजिलेंस ने एचपीसीए मामले में दर्ज तीसरी एफआईआर पर भी चार्जशीट को तैयार कर लिया है। इसे अब सरकार को अभियोजन मंजूरी को भेजा जा रहा है। विजिलेंस सूत्रों का कहना है कि पेड़ कटान पर 29 नवंबर 2013 को दर्ज की गई एफआईआर पर छानबीन के बाद चार्जशीट तैयार है।
यह चार्जशीट विजिलेंस के धर्मशाला थाने से शिमला मुख्यालय पहुंचाई जा चुकी है। इसकी स्क्रूटिनी भी लगभग पूरी होने वाली है। एक-दो दिन में अभियोजन मंजूरी को यह सरकार को भेज दी जाएगी।
एक और मुकदमा चलाने की तैयारी
इस चार्जशीट को दो तथ्यों पर आधारित रखा गया है। इसमें पेड़ कटान के अलावा लीज रूल्स तोड़ने के आरोपों में भी मुकदमा चलाने की तैयारी है। विजिलेंस का तर्क है कि उस भूमि की लीज दी ही नहीं जा सकती है कि जिसमें एक एकड़ के रकबे में 40 से ज्यादा पेड़ खडे़ हों।
लीज पर दी गई यह भूमि 3.28 हेक्टेयर रही है। इसमें हजारों पेड़ अभी भी खड़े हैं। बड़ी संख्या में पेड़ों का कटान किया गया है। विजिलेंस ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक पृथ्वी राज ने कहा कि चार्जशीट दो आरोपों पर आधारित है। एक पेड़ कटान का है तो दूसरा लीज रूल्स तोड़ने का है।
इन पर चलेगा मुकदमा
पहले यह एफआईआर शुरू में एचपीसीए पदाधिकारियों के खिलाफ ही दर्ज की गई थी। एचपीसीए के तीन पदाधिकारी एचपीसीए अध्यक्ष अनुराग ठाकुर, सचिव विशाल मारवाह और प्रवक्ता संजय कुमार हैं। इन पर मुकदमा चलेगा। इनके अलावा यह मुकदमा क्षेत्र के पूर्व तहसीलदार जगदीश कुमार, रेंज अधिकारी विधि चंद, कानूनगो कुलदीप कुमार और पटवारी जगत राम पर चलाने की भी तैयारी है।