मां-बेटे ने कैसे रचा पेपर आउट करने का खेल!
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+1 फिजिक्स पेपर आउट मामले में शिक्षा विभाग और शिक्षा बोर्ड की संयुक्त टीमों का गठन रविवार को ही कर लिया गया था।
शिक्षा विभाग के जिला उप निदेशक देशराज और शिक्षा बोर्ड उप सचिव जीएल वर्मा की अगुवाई में गठित दस सदस्यीय टीम ने सोमवार सुबह सवा आठ बजे बैजनाथ में दस्तक दी।
दस सदस्यीय टीम को दो दो सेगमेंट में बांटकर पांच टीमें बनाई गईं। सबसे पहले पौने 9 बजे एक टीम ने विशुद्धा पब्लिक स्कूल में दस्तक दी।
साढे़ 9 बजे एक टीम भारती विधापीठ पब्लिक स्कूल में पुहंची। दोनों स्कूलों में जांच के बाद करीब साढे 10 बजे टीम सीधे महाकाल स्थित जेवीएस प्राइवेट स्कूल में पहुंच गई।
स्कूल में पहुंचते ही जिला उप निदेशक ने देखा कि फिजिक्स और आईटी के प्रश्नपत्र कार्यालय की मेज पर पड़े हुए हैं और दोनों लिफाफे खुले हुए थे।
टीम ने उसी समय बैजनाथ स्थित ड्रॉपिंग सेंटर से पेपर डिस्ट्रीब्यूट करने वाले दो इंचार्ज को तलब किया और पुलिस को इसकी सूचना दी।
जेवीएस स्कूल की प्रिसिंपल, बेटा गिरफ्तार
करीब 11 बजे डीएसपी पुनीत रघु पुलिस दल के साथ महाकाल स्थित निजी स्कूल पहुंचे। उन्होंने स्कूल के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली। उन्होंने बताया कि सीसीटीवी में पुरा डाटा मौजूद है।
जल्द ही फुटेज के पूरे डाटा की जांच कर ली जाएगी। उन्होंने स्कूल स्टाफ के बयान दर्ज कर समस्त दस्तावेजों को अपने कब्जे में ले लिया। शुरुआती जांच में पेपर लीक मामले में जमा एक के चार छात्रों के नाम सामने आए हैं।
इन चार में से तीन महाकाल के प्राइवेट जेवीएस व एक अन्य किसी दूसरे प्राइवेट स्कूल का दसवीं कक्षा का छात्र है।
सबसे बड़ी बात यह है कि जेवीएस स्कूल के तीन में से एक छात्र स्कूल की प्रिंसिपल का बेटा है।
पुलिस ने जेवीएस स्कूल की प्रिंसिपल समेत तीन छात्रों को अरेस्ट कर लिया है। एक अन्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
पेपर चुराकर फोटोस्टेट कर एक हजार में बेचे
चारों छात्रों ने परीक्षा से पूर्व ही पेपरों को चुराने की योजना तैयार कर ली थी।
घटना को अंजाम देने के बाद पेपरों को फोटोस्टेट करवाकर एक हजार या इससे कम कीमत में बेच दिया।
वहीं, कुछ छात्रों ने इन पेपरों को आगे फोटोस्टेट करवाकर या फिर अपने हाथों से लिख कर आगे अन्य छात्रों को दे दिया तथा कुछ ने मैसेज से आगे भेज दिया।
इस प्रकार यह प्रश्न पत्र अन्य जिलों में भी पुहंच गए।
शिक्षा विभाग की टीम ने जांच में पाया कि फिजिक्स के लिफाफे में से 20 में से चार पेपर और आईटी के 26 मार्च को प्रस्तावित लिफाफे में से 20 में से तीन पेपर गायब थे।
+1 आईपी का पेपर भी टला
जमा एक परीक्षा में पेपर आउट होने के विवाद के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने इसी कक्षा के इन्फोर्मेशन प्रैक्टिसेज (आईपी) विषय के पेपर को भी स्थगित कर दिया है।
ये परीक्षा पहले 26 मार्च को निर्धारित थी जो अब 2 अप्रैल को होगी। समय और स्थान में कोई बदलाव नहीं होगा।
उच्च शिक्षा निदेशक शशिभूषण सेखरी ने कहा है कि प्रशासनिक कारणों से ऐसा करना पड़ रहा है। जबकि सच तो यह है कि यह पेपर भी आउट हो गया था। बैजनाथ के प्राइवेट स्कूल में इस पेपर का लिफाफा भी खुला पाया गया है।
सरकार ने की रिपोर्ट तलब
जमा एक के पेपर आउट होने और स्कूल शिक्षा बोर्ड की पुस्तकों में भारी त्रुटियां सामने आने की घटनाओं पर हिमाचल सरकार ने शिक्षा विभाग से जानकारी मांगी है।
प्रधान सचिव शिक्षा अली रजा रिजवी ने शिक्षा निदेशक से जवाब तलब किया है।
उपनिदेशक कांगड़ा ने पेपर आउट होने के प्रकरण की रिपोर्ट निदेशालय को भेज दी है। जबकि शिक्षा बोर्ड ने भी पुस्तकों में प्रकाशित भ्रामक जानकारियों पर जवाब तैयार कर रहा है।