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मेडिकल की तैयारी कर रही हिमाचली छात्रा ने फंदा लगाकर दी जान
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला/कोटा
Updated Sat, 21 Jan 2017 10:16 AM IST
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मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी करने वाले छात्रों के गढ़ कोटा में आत्महत्याओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) की तैयारी करने वाली एक 19 वर्षीय छात्रा ने कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
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इस साल सामने आने वाली यह पहली ऐसी घटना है। कुंहदी पुलिस स्टेशन के सर्किल प्रभारी श्रीचंद ने बताया कि हिमाचल प्रदेश के कंदना इलाके की रहने वाली तानिया राणा कोटा के एक कोचिंग संस्थान में नीट की तैयारी कर रही थी।
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पिछली रात तानिया शहर के हॉस्टल में फांसी पर झुलती हुई मिली। चंद ने बताया कि तानिया के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला और उसके इस जानलेवा कदम के पीछे की वजहों का पता लगना अभी बाकी है। तानिया के शव को एमबीएस हॉस्पिटल में पोस्टमॉर्टम के लिए ले जाया गया, जिसे हिमाचल से उसके मां-बाप के आने के बाद शुरू किया गया।
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कोटा में हर साल पूरे देश से लगभग 1.75 लाख छात्र आईआईटी और मेडिकल कॉलेज की प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए कोचिंग संस्थानों में प्रवेश लेने आते हैं। इनमें से कई छात्र कोचिंग के दबाव, मां-बाप की उम्मीदों पर खरे ना उतर पाने की निराशा और परीक्षा में फेल होने जैसे कारणों से मौत को गले लगा लेते हैं।
राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं की जांच के लिए कोचिंग संस्थानों और हॉस्टल प्रबंधन के लिए कई दिशानिर्देश जारी किए हैं। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के अनुसार, कोटा में साल 2015 और 2016 में 17-17 छात्रों ने आत्महत्या की थी। जबकि इससे पहले 2014 में परीक्षा में फेल होने के कारण आत्महत्या के 45 मामले दर्ज किए गए थे।