करोड़ों के ब्राउन शूगर मामले में भगोड़ा गिरफ्तार, दो साल से था फरार
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करोड़ों की ब्राउन शूगर की बरामदगी के मामले में अदालत से उद्घोषित अपराधी को चेन्नई पुलिस की इंटेलिजेंस शाखा ने पांवटा से धर-दबोचा। दो साल से आरोपी भगोड़ा चल रहा था और पांवटा में आरोपी ने ट्रांसपोर्टर का काम चल रहा था। अदालत से भगोड़ा घोषित होने के बाद पुलिस चप्पे-चप्पे पर आरोपी की तलाश में जुटी थी।
वीरवार सुबह चेन्नई पुलिस की इंटेलिजेंस शाखा को कामयाबी हाथ लगी। आरोपी को पकड़ने के लिए चेन्नई पुलिस ने चंडीगढ़ पुलिस के साथ-साथ पांवटा पुलिस का भी सहयोग लिया।
पुलिस के अनुसार 50 किलोग्राम ब्राउन शूगर के मामले में आरोपी वांछित था। मूल रूप से देहरादून के रहने वाले आरोपी हरप्रीत सिंह को चेन्नई पुलिस गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई है। बताया जा रहा है कि वर्ष 2015 में चेन्नई में करीब 50 किलो ब्राउन शूगर का एक मामला पकड़ा गया था।
करोड़ों में थी ब्राउन शूगर की कीमत
ब्राउन शूगर की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करोड़ों की आंकी गई है। ब्राउन शूगर के साथ 4 आरोपी गिरफ्तार किए थे। इस मामले में आरोपी हरप्रीत सिंह की जमानत मिली थी। लेकिन, जमानत मिलने के बाद वह कोर्ट में पेश नहीं हुआ।
वीरवार सुबह आरोपी को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया गया। उधर, डीएसपी पांवटा प्रमोद चौहान ने पुष्टि की है। चेन्नई की इंटेलिजेंस टीम मनोज कुमार के नेतृत्व में यहां पहुंची थी। उन्होंने बताया कि हरप्रीत सिंह के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस चल रहा है।
आरोपी पांवटा में 2 वर्षों से ट्रांसपोर्टर का काम कर रहा था। वर्ष 2015 में आरोपी हरप्रीत सिंह के ट्रक से तकरीबन 50 किलो ब्राउन शूगर की तस्करी का मामला सामने आया था। इस मामले में चेन्नई पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर ले गई है।