बर्बर पिटाई पर फंसी पुलिस, हाईकोर्ट ने दिए मेडिकल कराने के आदेश
पुलिस हिरासत में आरोपियों के साथ बर्बरता से मारपीट करने के आरोप में थाना सदर पुलिस घिरती नजर आ रही है। चारों आरोपियों को लक्कड़ बाजार पुलिस ने मजदूरों के साथ मारपीट करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। आरोपियों में मनोज शर्मा, सुनील बेक्टा, भूपिंद्र सिंह और अमन शामिल हैं। पुलिस पर आरोप है कि हिरासत के दौरान इन्हें बेरहमी से पीटा गया है। सोमवार को इन्हें स्थानीय अदालत में पेश किया गया जहां से इन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। इसके बाद आरोपियों ने मीडिया के सामने पुलिस हिरासत में हुई मारपीट के निशान दिखाए।
इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की थी जिसमें इनके मेडिकल करवाने की अपील की गई थी। इसे प्रदेश उच्च न्यायालय ने मंजूर कर दिया। अब चारों आरोपियों की मेडिकल रिपोर्ट अदालत के सामने पेश होगी, इसके बाद इस मामले में आगामी कार्रवाई की जाएगी। एसएचओ सदर और मामले के जांच अफसर के खिलाफ भी अदालत में अपील की गई है।
इतनी बुरी तरह से मारा जैसे बड़े क्रिमिनल हों
यह अपील मनोज शर्मा के भाई राजदीप शर्मा की ओर से प्रदेश हाईकोर्ट में दायर की है। राजदीप शर्मा का कहना है कि मारपीट के आरोप में उनके भाई और उनकी कंपनी के लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। पुलिस हिरासत में इन चारों को इतनी बुरी तरह से मारा जैसे कि यह बहुत बड़े क्रिमिनल हो। अदालत से वकील के माध्यम से अपील की है कि मामले में एसएचओ सदर तथा मामले के जांच अफसर के खिलाफ कार्रवाई की अपील की है।
राजदीप शर्मा ने मामले के जांच अफसर पर संगीन आरोप लगाते हुए कहा कि इससे पहले भी दो बार वह उसे बेवजह तंग कर चुका है। इसके निर्माणाधीन प्रोजेक्ट में अड़ंगा लगाता रहा है। जांच अफसर ने जानबूझ कर उसके भाई और कंपनी के तीन कर्मचारियों को टारगेट बनाकर बर्बरता पूर्वक मारपीट की। एएसपी अंजुम आरा ने कहा कि पुलिस हिरासत में आरोपियों के साथ हुई मारपीट के मामले में छानबीन की जाएगी।