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दुष्कर्म पीड़िता को 10 हजार प्रतिमाह और बच्चे को बीए तक निशुल्क शिक्षा के आदेश

Fri, 24 Jun 2016 02:08 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Fri, 24 Jun 2016 02:08 PM IST
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Himachal High Court grants ten thousand rupee monthly relief to rape victim
हिमाचल हाईकोर्ट

प्रदेश हाईकोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए पीड़िता को मुआवजे के तौर पर प्रतिमाह 10 हजार रुपये और पीड़िता के बच्चे को ग्रेजूएशन करने तक मुफ्त शिक्षा दिए जाने के आदेश दिए। यह मुआवजा राशि स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी को हिमाचल प्रदेश विक्टिम ऑफ क्राइम कंपनशेषण स्कीम 2012 के तहत देना होगा।

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न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायाधीश सीबी बारोवालिया की खंडपीठ ने दोषी विनोद उर्फ दिनेश की सजा के खिलाफ दायर अपील को खारिज करते हुए उपरोक्त आदेश पारित किये। मामले के अनुसार 27 जुलाई 2013 को 13 वर्षीय बच्ची से उसके मामे ने दुष्कर्म किया, जिससे वह गर्भवती हो गई थी। वर्ष 2014 में पीड़िता ने एक बच्चे को जन्म दिया, जिसका डीएनए मामा विनोद से मेल खाता है।
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पीड़िता ने दुष्कर्म की शिकायत पुलिस स्टेशन रोहड़ू में 1 दिसंबर 2013 को दर्ज कराई थी। इस शिकायत पर जांच करने के बाद विशेष जज शिमला के समक्ष मामला चला। निचली अदालत ने 19 दिसंबर 2015 को 18 गवाहों के बयानों के आधार पर पारित फैसले के बाद दोषी को 14 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। दोषी ने हाईकोर्ट में अपील दायर कर इस फैसले को चुनौती दी थी।

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मुस्लिम उपजातियों को ओबीसी का लाभ देने के मामले में राज्य सरकार को नोटिस

Himachal High Court grants ten thousand rupee monthly relief to rape victim

देश हाईकोर्ट ने मुस्लिम उपजातियों को ओबीसी श्रेणी का लाभ देने की मांग करने वाले मामले में राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर व न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ ने ऑल हिमाचल मुस्लिम वेलफेयर सोसाइटी की ओर से दायर मामले की सुनवाई के बाद उपरोक्त आदेश पारित किए।

प्रार्थी संस्था का कहना है कि अरसे से हिमाचली मुसलमान समुदाय की कुछ उपजातियां अन्य पिछड़ी जाति का लाभ दिए जाने की मांग कर रही हैं। इन जातियों में तेली, जुलाहा, कबीरपंथी, लुहार और जोगी शामिल हैं। मामले पर अगली सुनवाई 14
सितंबर को होगी।

ज्यूडिशियल अकादमी का उद्घाटन रद्द
हिमाचल प्रदेश ज्यूडिशियल अकादमी का उद्घाटन और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के शिलान्यास का प्रस्तावित कार्यक्रम रद्द हो गया है। यह कार्यक्रम 25 जून को शिमला के घंडल में होना तय था। इस कार्यक्रम में भारत के मुख्य न्यायाधीश टी एस ठाकुर ने बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने थे।

 

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