नशे में टल्ली शिक्षक पहुंचा स्कूल, बच्चों पर बरसाए डंडे
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एक ओर विद्यालयों में बच्चों को नशे के खिलाफ जागरूक करने के लिए कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं लेकिन यहां तो खुद शिक्षक ही टल्ली घूम रहे हैं। मामला हिमाचल के कांगड़ा जिले का है। एक ओर कांगड़ा पुलिस नशे के खिलाफ अभियान चलाए हुए है और विद्यालयों में बच्चों को नशे के खिलाफ जागरूक करने के लिए कई कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं लेकिन, यदि बच्चों को नशे के खिलाफ जागरूक करने वाले अध्यापक स्वयं ही नशा करके बच्चों को पढ़ाने स्कूल पहुंच जाएं तो नशा निवारण मुहिम के क्या
मायने रह जाते हैं? शिक्षा के मंदिर को शर्मसार करने वाला ऐसा ही एक मामला मंगलवार को नगरोटा बगवां शिक्षा खंड के तहत एक सरकारी स्कूल में सामने आया। यहां शराब के नशे में धुत्त एक अध्यापक ने न केवल अपने मुख्याध्यापक के साथ बहसबाजी की, बल्कि कुछ बच्चों को सजा देकर प्रताड़ित भी किया।
स्कूल के मुख्याध्यापक से भी की बहसबाजी
मामला उस समय सामने आया जब उक्त स्कूल के मुख्याध्यापक एक अन्य अध्यापक के साथ कैंपस के प्रांगण में बैठे थे। नशे में धुत्त अध्यापक ने उनके साथ किसी बात को लेकर बहसबाजी शुरू कर दी। स्कूल के साथ ही स्थित पंचायत घर में उपस्थित पंचायत प्रधान अजय सिपहिया, एसएमसी अध्यक्ष और कुछ बच्चों के अभिभावकों को मामले का पता लगते ही वे भी स्कूल पहुंच गए। इस मामले का कड़ा संज्ञान लिया गया।
पंचायत प्रधान अजय सिपहिया ने बताया कि विद्यालय में शराब पी कर अध्यापक के आने की शिकायतें पहले भी आ रही थीं। मुख्याध्यापक ने बताया कि टीजीटी साइंस विषय का यह अध्यापक नशे में धुत्त था और वह उनके साथ बहसबाजी पर उतारू था। उन्होंने इस मामले की जानकारी संबंधित क्लस्टर विद्यालय को दे दी है। उधर, जिला शिक्षा उपनिदेशक उच्च केके गुप्ता ने कहा कि वह क्लस्टर हेड विद्यालय से मामले की जानकारी लेंगे।