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फॉरेस्ट गार्ड मर्डर: बीओ सस्पेंड, तीन दिन का पुलिस रिमांड, खुलेंगे कई राज

Mon, 12 Jun 2017 12:46 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, करसोग (मंडी)
ब्यूरो/अमर उजाला, करसोग (मंडी) Updated Mon, 12 Jun 2017 12:46 PM IST
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Forest guard murder case forest beat officer suspended on three day police remand

मंडी के सेरी कतांडा जंगल में तैनाती के तीन माह बाद युवा वन रक्षक होशियार सिंह की हत्या मामले की जांच की आंच अब वन विभाग के अधिकारियों तक पहुंच गई है। 24 घंटे तक पुलिस हिरासत में रहने के बाद मामले में फंसे बीट ऑफिसर पर सस्पेंशन की गाज गिर गई है। उधर, वन विभाग ने भी अपने स्तर पर जांच शुरू कर दी है।

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विभागीय जांच के घेरे में संबंधित बीट का डीएफओ और रेंज ऑफिसर समेत अन्य स्टाफ भी आ गया है। रविवार को बीओ समेत पांचों आरोपियों को जेएमआईसी कोर्ट करसोग में पेश किया गया। जहां से तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। 
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गार्ड होशियार सिंह की डायरी में लिखे गए नामों के आधार पर शनिवार देर शाम चार आरोपियों को हिरासत में लेने के बाद बीओ को धरा गया था। बाद में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अब पुलिस पूछताछ में कत्ल के राज खुल सकते हैं और कई चेहरे बेनकाब हो सकते हैं। पुलिस ने पांचों आरोपियों की बैंक स्टेटमेंट, संपत्तियों का ब्योरा और फोन कॉल्स डिटेल भी खंगालना शुरू कर दी है। 

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इन बिंदुओं पर टिकी पुलिस की जांच

Forest guard murder case forest beat officer suspended on three day police remand

वहीं, सुसाइड नोट वाली डायरी को भी पुलिस ने सील कर जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेज दिया है। अरण्यपाल उपासना शर्मा ने कहा कि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के 24 घंटे पुलिस हिरासत में रहने के बाद सस्पेंशन हो जाती है। उन्होंने कहा कि संबंधित बीट का डीएफओ, आरो समेत स्टाफ विभागीय जांच के दायरे में है। 

पुलिस डायरी का मिलान मृतक की लिखावट से कराएगी। शीशी में मिला जहर वन रक्षक होशियार सिंह के शरीर में है या नहीं, बिसरे की जांच से इसका खुलासा होगा। पुलिस यह पता लगा रही है कि होशियार सिंह ने जहर निगला है या उस पर छिड़का गया है। 

टीम से तीन दिन के अंदर रिपोर्ट तलब

Forest guard murder case forest beat officer suspended on three day police remand

यह भी जांच होगी कि बीओ ने वन रक्षक को कैसे प्रताडि़त किया। क्या उनके साथ और लोग भी शामिल हैं। आरोपी हिस्ट्रीशीटर तो नहीं हैं। किसी प्रकार की अवैध कटान पर डीआर काटी गई है या नहीं। सहायक अरण्यपाल लायकराम हरनोट की अगुवाई में

संबंधित बीट में वन विभाग की टीम को भेजा गया है। उन्हें गहनता से संबंधित बीट का मुआयना करने के लिए कहा गया है। अगर इस बीट में कोई वन कटान पाया गया तो वन काटुओं पर तुरंत कार्रवाई होगी। टीम से तीन दिन में रिपोर्ट तलब की है।

वन कर्मी बोले- हत्या को दे रहे आत्महत्या का रंग

Forest guard murder case forest beat officer suspended on three day police remand

वन अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने होशियार सिंह की हत्या को आत्महत्या का रंग देने का आरोप लगाया है। महासंघ ने सरकार से पुलिस और वन विभाग की कार्यशैली पर निशाना साधते हुए पारदर्शी जांच की मांग की है। ऐसा न करने पर सड़क पर उतरने की चेतावनी दी है।

महासंघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं वन परिक्षेत्र अधिकारी पंडोह पीर सहाय ठाकुर ने फॉरेस्ट गार्ड होशियार सिंह के परिवार से गहरी संवेदना प्रकट की है। उन्होंने कहा कि इस मामले में हत्या को आत्महत्या ठहराने का प्रयास करके सरकार को भी गुमराह किया गया है। उन्होंने मांग की है कि जिस कर्मचारी या अधिकारी की संलिप्तता पाई जाती है उसे मौत की सजा होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि जो भी नए फॉरेस्ट गार्ड भर्ती होते हैं, उन्हें संवेदनशील बीटों में लगाया जाता है जबकि वह जंगलों के हालात से परिचित नहीं होते। इसके लिए स्थानांतरण नीति में सुधार की आवश्यकता है। जो वरिष्ठ कर्मचारी होते हैं, उन्हें संवेदनशील बीटों में नहीं लगाया जाता है।

कई वन कर्मचारी अपनी पूरी सेवा शहरी क्षेत्रों के आसपास ही करके समय निकाल लेते हैं व एक-दूसरे से जुगाड़ करके स्थानांतरण करवाते रहते हैं। यदि कोई उच्च अधिकारी ऐसे कर्मचारियों को अपने अधिकार से बदलता है तो वह अपने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल करके अपना स्थानांतरण रद्द करवा लेते हैं।

वन कर्मचारी करेंगे सामूहिक अवकाश

Forest guard murder case forest beat officer suspended on three day police remand

सेरी कतांडा बीट में युवा फॉरेस्ट गार्ड होशियार सिंह की हत्या के मामले में वन विभाग कर्मचारी महासंघ एकजुट हो गया है। मंगलवार को पूरे प्रदेश में महासंघ के कर्मचारी सामूहिक अवकाश करेंगे। होशियार सिंह को शहीद का दर्जा देने की मांग को लेकर महासंघ मंडी में 13 जून को प्रदेश स्तरीय बैठक का आयोजन करेगा।

इस बैठक में महासंघ की पूरी प्रदेश कार्यसमिति, सभी वन वृत्तों के अध्यक्ष सहित अन्य कर्मचारी शिरकत करेंगे। महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष तुलसी राम व मंडी जिला अध्यक्ष प्रदीप कुमार ने कहा कि मामले की तेजी से जांच होनी चाहिए। महासंघ ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं।

उन्होंने कहा कि पुलिस प्रदेश सरकार के इशारे पर मामले को दूसरी ओर मोड़ने में जुटी है। उन्होंने पूरे मामले के लिए उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि बैठक में फील्ड कर्मचारियों को तुरंत प्रभाव हथियार देने की गुहार लगाई जाएगी।

फारेस्ट गार्ड की हत्या ने बर्बरता की सीमाएं लांघी: धूमल

Forest guard murder case forest beat officer suspended on three day police remand

पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने मंडी जिले में फारेस्ट गार्ड की निर्मम हत्या ने बर्बरता की सभी सीमाएं लांघ दी है। भाजपा के माफिया राज हटाओ, प्रदेश बचाओ आंदोलन की सार्थकता हाल में घटी घटनाओं से भी सिद्ध होती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार में गुंडा तत्वों के हौसले इस कद्र बुलंद हो चुके हैं कि जंगल में अवैध कटान रोकने पर एक फारेस्ट गार्ड की हत्या कर पेड़ पर उल्टा लटका दिया।

धूमल ने कहा कि जिला चम्बा और जिला शिमला में जंगल कटान के मामले सामने आये उन पर कार्यवाही करने के स्थान पर कांग्रेस सरकार ने उलटा शिकायतकर्ताओं पर ही मामले दर्ज कर लिये और उन्हें जेल भेज दिया। दूसरी तरफ वन काटुओं को क्लीन चिट दे दी गई। 

जिला ऊना के हरोली क्षेत्र में वन काटुओं ने अधिकारियों की पिटाई कर दी, लेकिन अभी तक यह पता नहीं चला कि दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई। कांगड़ा जिला के फतेहपुर में अवैध कटान रोकने वाले अधिकारियों ने जिन लोगों को पकड़ा उनके खिलाफ क्या कार्रवाई हुई। बिलासपुर में अवैध कटान रोकने वाले तथा वीडियो बनाने वाले डीएफओ की पिटाई की गई। सरकार की ओर से किसी भी केस में कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। 

धूमल ने कहा कि वन माफिया के अलावा खनन माफिया और रेत माफिया प्रदेश में उतना हावी हो चुका है कि उनके खिलाफ एक्शन लेने वाले अफसरों पर जानलेवा हमले तक कर दिए गए। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की जगह अफसरों के तबादले कर दिया गया। प्रदेश पुलिस का यह हाल है कि प्रदेश में आईएसआईएस के आतंकवादी हो या फिर सहारनपुर के दंगाई हो आराम से अपने दिन गुजारते हैं और पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगती है।

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