मारपीट के आरोप में शिक्षिका के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज
हमीरपुर जिले की एक राजकीय प्राथमिक पाठशाला में चौथी कक्षा की छात्रा की पिटाई मामले ने तूल पकड़ लिया है। रविवार को परिजनों, ग्रामीणों और डॉ. आंबेडकर महासभा के पदाधिकारियों ने पुलिस थाना सदर में पहुंचकर आरोपी महिला अध्यापक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। अब मामले में एससी/एसटी एक्ट के तहत केस भी दर्ज हो गया है।
उधर, विभागीय जांच से असंतुष्ट परिजन और ग्रामीण सदर थाना पुलिस से उचित और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग उठाई। इसके साथ ही पुलिस अधीक्षक हमीरपुर से मिलकर भी लोगों ने इस मामले में कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने के साथ ही आरोपी अध्यापक को बर्खास्त करने की मांग की है। इस मामले में प्रारंभिक शिक्षा विभाग उपनिदेशक हमीरपुर पहले ही विभागीय जांच बैठा चुके हैं, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि उक्त महिला अध्यापक के खिलाफ पहले ही विभाग में शिकायतें हैं।
अगर पूर्व में ही अध्यापक के खिलाफ ऐसी शिकायतें हैं तो उसके खिलाफ कार्रवाई करने की बजाय उसे एक स्कूल से दूसरे स्कूल में डेपुटेशन पर क्यों भेजा गया, उसे बर्खास्त करना चाहिए था। प्रदेश एससी, एसटी, ओबीसी कर्मचारी संघ और आंबेडकर महासभा के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. ओंकार सिंह भाटिया ने कहा कि ऐसे शिक्षक समाज के लिए भी घातक हैं। उन्होंने आरोपी शिक्षक को सस्पेंड करने की मांग की है।
स्थानीय वार्ड सदस्य शबनम का कहना है कि छात्रा की पिटाई के बाद जब परिजन व ग्रामीण इस बारे में स्कूल में पूछने गए तो अध्यापक ने जातिसूचक शब्द कहकर उनके साथ भी बदतमीजी की। आरोपी अध्यापक को ट्रांसफर करने के बजाय तुरंत प्रभाव से सस्पेंड किया जाए।
इस मौके पर ग्रामीणों में दीपा देवी, अशोक कुमार, सुरेश, सोनू, प्रमोद, पुष्पा, अंजू बाला, निशा देवी, रेखा, निशा कुमारी, रोशनी देवी, मिश्रा देवी, डोलमा देवी, नीलम, पिंकी, रीना, राजकुमारी व वीना सहित अन्य मौजूद रहे।
एसएचओ सदर संजीव गौतम का कहना है कि स्थानीय लोग छात्रा से मारपीट के मामले में उनसे मिले हैं। विभिन्न कानूनों के तहत मामला दर्जकर छानबीन की जा रही है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्वयं इस मामले की जांच कर रहे हैं। एससी/एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज हो गया है।