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अवैध कब्जे हटाने में डाली बाधा, 18 पर केस
ब्यूरो/अमर उजाला, आनी (कुल्लू)
Updated Mon, 01 Feb 2016 10:46 AM IST
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आनी में वन विभाग की अवैध कब्जे हटाने की मुहिम में बाधा डालने पर 18 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई। वन मंडल के अंतर्गत टकरासी पंचायत के कैंशल गांव में वन भूमि से अवैध कब्जों को हटा रही वन विभाग, राजस्व विभाग, आईपीएच, विद्युत विभाग और पुलिस की टीम को कामरेडों और ग्रामीणों ने कार्रवाई करने से रोका।
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इस पर वन विभाग की चवाई रेंज के रेंज अधिकारी पितांबर नेगी ने करीब 18 लोगों के खिलाफ आनी पुलिस में मामला दर्ज करवाया गया। पुलिस ने सभी लोगों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने, लोगों को उकसाकर शांति भंग करने और सरकारी कर्मचारियों को धमकियां देने का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
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इसके बाद किसान सभा की आनी इकाई ने टकरासी पंचायत के रोहड़ीधार में ग्रामीणों के साथ बैठक की। बैठक में सीपीआई के प्रदेश सचिव डॉ. ओंकार शाद, किसान सभा की आनी इकाई के अध्यक्ष प्रताप ठाकुर, जिला परिषद कुल्लू के सदस्य एवं हिमाचल दलित कल्याण शोषण मुक्ति सभा के प्रदेश सचिव लोकेंद्र कुमार, गीता राम, वीर सिंह आदि मौजूद थे।
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कामरेडों ने स्पष्ट किया कि सरकार को पिक एंड चूज की नीति को बंद करना होगा और वन भूमि के अवैध कब्जों को लेकर ठोस नीति बनानी होगी। उन्होंने कहा कि एक ओर तो सरकारें सेठों को कौड़ियों के भाव भूमि लीज पर देती है और दूसरी ओर भूमिहीन गरीब किसानों और बागबानों को बेदखल कर रही है।
उन्होंने मांग की है कि कब्जे वाली भूमि को किसानों, बागबानों को लीज पर देने की नीति जल्द बनानी होगी। साथ ही चेताया है कि यदि वन विभाग दलितों को खदेड़ने की कार्रवाई बंद नहीं करता तो किसान सभा आनी में उग्र प्रदर्शन करेगी।