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दर्दनाक! वार्डन ने छात्राओं पर फेंक दी गरम दाल

Wed, 25 Jun 2014 08:07 PM IST
Updated Wed, 25 Jun 2014 08:07 PM IST
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Embarrassing! Warden threw the hot Pulse to students at IGMC

शिमला के सिस्टर निवोदिता कॉलेज में हॉस्टल वार्डन पर दो छात्राओं पर गरम दाल फेंकने का आरोप लगा है। कॉलेज छात्राओं का कहना है कि इस वजह से सेकेंड ईयर की छात्रा शिवानी झुलस गई जबकि थर्ड ईयर की छात्रा तेंजिन को कोई चोट नहीं आई।

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घटना के बाद सभी नर्सिंग स्टूडेंट् भड़क गईं। वारदात सोमवार रात करीब साढ़े आठ बजे की है। प्रिंसिपल को सूचना दी गई लेकिन वह मंगलवार को कॉलेज पहुंचीं। घटना के विरोध में छात्राओं ने कक्षाएं नहीं लगाईं।
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वार्डन को तत्काल हटाने की मांग पर छात्राएं अड़ी हुई थीं। परिसर में कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।

खाने को लेकर हुआ था विवाद

Embarrassing! Warden threw the hot Pulse to students at IGMC

रात करीब साढ़े आठ बजे हॉस्टल मेस में बन रहे खाने की गुणवत्ता जांचने के लिए रूटीन में दोनों छात्राएं गई थीं। इसी बीच सिक्योरिटी गार्ड करण वार्डन का खाना ले जा रहा था। छात्राओं ने वह खाना भी चेक कर लिया।

कमरे में जाकर करण ने इस बात की जानकारी वार्डन को दे दी। वार्डन ने तुरंत छात्राओं को कमरे में बुलाया। जवाब तलब हुआ और छात्राओं का आरोप है कि गुस्से में आकर शिवानी और तेंजिन पर गरम दाल फेंक दी।

शिवानी की गर्दन में गरम दाल गिरी इस कारण वह करीब दो फीसदी झुलस गई। स्वेटर पहना होने के कारण तेंजिन झुलसने से बच गई। कमरे से बाहर निकलने के बाद हॉस्टल में रहने वाली सभी छात्राओं को वारदात का पता चल गया।

पढ़ाई छोड़ छात्राओं ने किया प्रदर्शन

Embarrassing! Warden threw the hot Pulse to students at IGMC

छात्राओं ने खाना छोड़ दिया और कॉलेज प्रबंधन को मंगलवार दोपहर दो बजे तक वार्डन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। छात्राएं कक्षाओं में भी नहीं गई जब दो बजे तक कॉलेज प्रबंधन की ओर से कोई सकारात्मक जवाब नहीं आया तो छात्राओं ने हंगामा खड़ा कर कॉलेज परिसर में नारेबाजी शुरू कर दी।

छात्राओं ने मेस में बनने वाले खाने पर कॉलेज प्रबंधन के सामने सवाल उठाए थे। छात्राओं ने कहा था कि उन्हें अधपका खाना परोसा जाता है। कभी दाल और सब्जी में इतना नमक होता है कि खाना खाया ही नहीं जाता।

प्रबंधन ने इस पर फैसला लेते हुए छात्राओं की एक कमेटी बनाई। उन्हें अधिकार दे दिया गया कि वे मेस में जाकर भोजन की गुणवत्ता जांच सकती है। सोमवार रात को जब वार्डन के लिए गार्ड खाना ले जा रहा था तो छात्राओं ने खाने की चेकिंग की। यहीं से मामला बिगड़ा।

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अतिरिक्त निदेशक ने शुरू करवाई जांच

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मामले का विवाद अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) आईजीएमसी डॉ. नरेश कुमार लट्ठ तक पहुंचा। इसमें कॉलेज की प्रिसिंपल कृष्णा चौहान, हॉस्टल वार्डन और छात्राओं ने अपना पक्ष रखा। डॉ. लट्ठ ने कहा कि सभी पक्षों को सुन लिया गया है। बुधवार को इस पर फैसला करेंगे। फिलहाल मामले की छानबीन की जा रही है।

वहीं, अब हॉस्टल में असिस्टेंट वार्डन की नियुक्ति होगी, शाम 7.30 बजे के बाद कोई छात्रा हॉस्टल से बाहर नहीं जाएगी, उल्लंघन करने पर 500 रुपये जुर्माना या फिर हॉस्टल से निष्कासन होगा।

हॉस्टल वार्डन ने कहा कि उन पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। छात्राओं ने जब उनसे बहस की तो उन्होंने दाल की कटोरी गुस्से में आकर दीवार पर मारी थी। उन्हें इस बात का दुख हुआ कि सालों से वह छात्राओं के साथ जुड़ी हैं। आज तक ऐसा संगीन आरोप उन पर नहीं लगाया गया।

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