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कृषि उपनिदेशक से कार्यालय में घुसकर मारपीट, बंधक बनाने का भी आरोप

Tue, 21 Apr 2020 10:32 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, नाहन (सिरमौर)
अमर उजाला नेटवर्क, नाहन (सिरमौर) Published by: Krishan Singh Updated Tue, 21 Apr 2020 10:32 PM IST
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Deputy Director of Agriculture entered into office and also assaulted and held hostage
सांकेतिक तस्वीर

हिमाचल के सिरमौर जिला मुख्यालय नाहन में कर्मचारी नेताओं की दबंगई का एक मामला सामने आया है। लॉकडाउन के बीच कृषि विभाग सिरमौर के उपनिदेशक के साथ चार लोगों ने दफ्तर में घुसकर मारपीट की। आरोपियों पर अधिकारी को बंधक बनाने के भी आरोप लगे हैं। इसकी शिकायत कृषि उपनिदेशक डॉ. राजेश कौशिक ने नाहन पुलिस थाने में दर्ज कराई है। 

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पुलिस ने शिकायत के बाद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मामला 15 अप्रैल का है। शाम करीब पौने छह बजे जब कृषि उपनिदेशक अपने कार्यालय में कोविड-19 महामारी को लेकर कृषकों के पास जारी करने संबंधी कामकाज निपटा रहे थे, इसी बीच चार लोग दफ्तर में घुसे और सीधे मारपीट शुरू कर दी। आरोपियों ने कार्यालय में घुसकर पर्दे की छड़ों, ट्रॉफी और हाथों से मारपीट की। आरोप है कि करीब डेढ़ घंटे तक आरोपियों ने अधिकारी को बंधक बनाकर रखा। इस मारपीट में उनके कमीज के सभी बटन तक तोड़ दिए गए।
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कार्यालय में जरूरी दस्तावेजों को भी नुकसान पहुंचाया। हालांकि, मारपीट के कारणों का पता नहीं चल पाया है लेकिन पुरानी रंजिश इस मारपीट की वजह मानी जा रही है। मारपीट करने वालों में उपनिदेशक कार्यालय में तैनात इसी विभाग का जूनियर इंजीनियर दीपक चंदेल, वन विभाग में तैनात अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष राजेंद्र बब्बी, शिक्षा विभाग में शारीरिक शिक्षक पद पर तैनात शिशुपाल और कृषि विभाग से सेवानिवृत्त कर्मी अतर सिंह शामिल बताए गए हैं।

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शिकायत में कहा गया है कि भागने की कोशिश करने पर आरोपियों ने जबरन पकड़ लिया। हाथापाई के साथ-साथ आरोपियों ने छड़ों और ट्रॉफी के साथ उन्हें लहूलुहान कर दिया। आरोपियों ने जान से मारने की धमकियां भी दीं। आरोपियों ने मारपीट के दौरान सरकारी काम में बाधा पहुंचाई। दफ्तर का सारा सामान उथल-पुथल कर दिया। कमरे से महत्वपूर्ण कागजात तक नष्ट हो गए। 

उधर, एसपी सिरमौर अजय कृष्ण शर्मा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि शिकायत के आधार पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है। आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद जमानत पर रिहा कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन और कर्फ्यू के उल्लंघन की धारा भी इसमें जोड़ी जा सकती है।

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