चार साल तक बेटी से की दरिंदगी, अब लगाया फंदा
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हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिला में नाबालिग बेटी के साथ दुराचार करने वाले कलयुगी पिता ने माघी त्यौहार के दिन घर पर आकर आत्म हत्या कर ली।
शिलाई की जरवा जुनेली पंचायत के चियाटी भगाड़ी गांव निवासी नारायण सिंह के खिलाफ अगस्त 2014 में आईपीसी की धारा 376 एवं पोस्को एक्ट के तहत दुराचार का मामला दर्ज किया गया था। तभी से आरोपी फरार चल रहा था जबकि पुलिस इसकी तलाश कर रही थी। नारायण सिंह ने पुलिस की गिरफ्त में आने से पूर्व ही फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
गौरतलब हो कि नारायण सिंह अपनी 13 वर्षीय नाबालिग बेटी के साथ पिछले चार वर्षों से यौन शोषण कर रहा था। इसका विरोध करने पर वह अपनी बेटी को उल्टा लटकाकर उसकी पिटाई करता था।
बाप की दरिंदगी से बेटी की चली गई थी आंखे
इस कारण उसकी आंखों की रोशनी भी चली गई थी। जबकि माता उसके पिता के अत्याचारों के कारण घर छोड़ कर पहले ही चली गई थी। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही थी।
पुलिस की गिरफ्त से बाहर नारायण सिंह माघी त्यौहार के अवसर पर चुपचाप घर आया और उसने ‘भातियोज’ के दिन सोमवार शाम को बकरा काटने के कुछ समय बाद ही घर के पिछवाड़े में एक पेड़ से फंदा लगाकर अपनी जान दे दी।
उधर डीएसपी पांवटा योगेश रोल्टा ने आत्म हत्या की पुष्टि करते हुए बताया कि नारायण सिंह के शव को पोस्टमार्टम के लिए मंगलवार को शिलाई लाया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। बिसरा रिपोर्ट के बाद मौत के कारणों का पता चल पाएगा।