नाबालिग बेटी से एक साल तक रेप करता रहा बाप, कोर्ट ने दी ये सजा
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अपनी नाबालिग बेटी से साल भर तक दुराचार करने और उसे गर्भवती बनाने के आरोपी बाप को जिला एवं सत्र न्यायाधीश सीएल कोछड़ की अदालत ने दोषी करार देते हुए उम्रकैद और 25 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है।
वहीं, अन्य धारा के तहत एक साल के कठोर कारावास और 5000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दोनों सजाएं साथ साथ चलेंगी। जुर्माना न चुकाने के एवज में दोषी को छह माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी जिला न्यायवादी बीएन शांडिल ने की। दोषी करार बाप पर (प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रोम सेक्सुअल ओफेंस) एक्ट की धारा 6 और भादंसं की धारा 506 के तहत आरोप साबित हुए हैं।
25 गवाहों के बयान कलमबंद करवाकर आरोपी के खिलाफ अभियोग को साबित किया। सजा की अवधि पर हुई सुनवाई के दौरान अदालत में कहा गया कि यह अपराध बहुत गंभीर है। ऐसे में आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।
जबकि आरोपी का कहना था कि यह उनका पहला अपराध है। इसलिए उनके प्रति नरम रुख अपनाया जाए। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि प्राकृतिक अभिभावक की ओर से अपनी बेटी से दुराचार करने से ज्यादा गंभीर अपराध और पाप नहीं हो सकता।
अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों से आरोपी के खिलाफ दुराचार करने और उसे जान से मारने की धमकी देने का अपराध संदेह की छाया से दूर साबित हुआ है। जिसके चलते अदालत ने आरोपी के अपराध की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए उसे उम्र कैद और जुर्माने की सजा का फैसला सुनाया है।
आठवीं में पढ़ रही बेटी के ठहर गया था गर्भ
अभियोजन पक्ष के अनुसार घटना के समय पीड़ित नाबालिग आठवीं कक्षा की छात्रा थी। साल 2015 के सितंबर माह में आरोपी पिता ने पीड़िता के साथ दुराचार किया। इसके बाद आरोपी ने तीन-चार बार फिर से दुराचार किया। इसके बाद आरोपी करीब एक साल तक दुराचार करता रहा और पीड़िता को किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी देता रहा।
इसी बीच पीड़िता को गर्भ ठहर गया। जिस पर उसने अपनी माता को पिता के कुकृत्य के बारे में बताया पीड़िता की माता ने आंगनबाड़ी वर्कर को इसकी सूचना दी। जिन्होंने चाइल्ड हेल्पलाइन पर इस बाबत सूचित किया। इसके बाद इस बारे में पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई गई।