मुश्किल में मन्हास, सीएम के वफादार अफसर करेंगे जांच
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भाजपा शासन में पुलिस प्रमुख रहे डा. डीएस मन्हास के खिलाफ दर्ज मामले की जांच तेज कर दी गई है। जांच की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के सुरक्षा अधिकारी और एसपी (एसआईयू विजिलेंस) डीडब्ल्यू नेगी को सौंपी गई है।
विजिलेंस थाना शिमला में एफआईआर दर्ज होने के दो दिन के भीतर जांच टीम ने नगर निगम से संबंधित रिकॉर्ड जब्त कर लिया। विजिलेंस ने 3 अप्रैल को पूर्व डीजीपी और उनकी पत्नी मंजू मन्हास के खिलाफ आईपीसी की धारा 120बी के तहत मामला दर्ज किया थ्ाा।
पिछले दिनों सरकार ने मामले की जांच विजिलेंस को करने के निर्देश दिए। इसके बाद विजिलेंस ने नगर निगम की जांच के आधार पर विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की।
पहले एसपी साउथ को मिली थी जांच
एफआईआर दर्ज करने के दौरान फाइल एसपी साउथ रेंज को दी गई थी, लेकिन बाद में जांच के लिए फाइल एसआईयू को दी गई। मन्हास के खिलाफ नगर निगम प्रशासन भी जांच कर रहा है।
प्रश्नावली तैयार कर रहा विजिलेंस
विजिलेंस सूत्रों के अनुसार मन्हास और उनकी पत्नी से कभी भी पूछताछ की जा सकती है। जांच टीम रिकॉर्ड जांचने के साथ प्रश्नावली तैयार कर रही है। डीआईजी विजिलेंस अरविंद शारदा ने बताया कि मामले की जांच चल रही है।
ये हैं आरोप
मन्हास पर पद के दुरुपयोग के अलावा सरकारी जमीन पर कब्जा करने और अवैध रूप से मकान की मंजिल तैयार करने के आरोप हैं।