टेक्नोमैक घोटाले की जांच में शुरू हुआ खेल, ये है वजह
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प्रदेश के सबसे बड़े इंडियन टेकनोमैक घोटाले की जांच में खेल शुरू हो गया है। मामले में सीआईडी से लेकर आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारी लीपापोती में जुट गए हैं।
शासन से करीब एक महीने पहले मंजूरी मिलने के बावजूद आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारी प्रवर्तन निदेशालय को जांच के लिए पत्र तक नहीं लिख सके हैं। उधर, प्रवर्तन निदेशालय के मांगने के बावजूद सीआईडी अब तक उन्हें मामले से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा सकी है।
यही नहीं, मामले की जांच से जुड़े एक अधिकारी का भी तबादला कर दिया गया है। विवादित मामलों में एक टेकभनोमैक घोटाला अब ठंडे बस्ते में जाता दिख रहा है।
अब मामले को हर स्तर पर दबाने का प्रयास शुरू
मामले में पूर्व आईएएस के बेटे और कंपनी के निदेशक की गिरफ्तारी के बाद से आबकारी एवं कराधान विभाग से लेकर शासन तक में हड़कंप है। अब मामले को हर स्तर पर दबाने का प्रयास शुरू हो गया है। जांच कर रहे एक डीएसपी स्तर के अधिकारी का तबादला कर दिया गया।
यही नहीं, प्रवर्तन निदेशालय ने मामले में दर्ज हुई एफआईआर की प्रतियां व कुछ दस्तावेजों के लिए सीआईडी से संपर्क साधा था लेकिन अब तक एफआईआर की कॉपी तक उपलब्ध नहीं कराई गई है।
शासन से मंजूरी मिलने के बावजूद अब तक स्थानीय अफसर प्रवर्तन निदेशालय को पत्र लिखकर जांच की सिफारिश नहीं कर सके हैं। यह तब हो रहा है जब सीएम जयराम ठाकुर निष्पक्ष जांच का भरोसा दिला रहे हैं।
यही नहीं, गृह और आबकारी एवं कराधान विभाग भी सीएम के पास ही है। वहीं, डीजीपी सीताराम मरडी ने बताया कि ईडी ने एफआईआर की कॉपी मांगी थी जिसे उपलब्ध कराने के लिए सीआईडी को निर्देश दिए गए हैं।