बेटों समेत पूर्व सीएम के खिलाफ पेश किया चालान
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लोकसभा चुनाव की गर्माहट को और तेज करते हुए विजिलेंस ब्यूरो ने पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, उनके दोनों पुत्रों अनुराग ठाकुर और अरुण धूमल समेत 18 लोगों के खिलाफ चालान पेश कर दिया।
शुक्रवार को हाईकोर्ट में एचपीसीए की याचिका निरस्त होते ही जांच एजेंसी ने कांगड़ा के नूरपुर सर्किट कोर्ट में चार्जशीट दायर की। चार्जशीट में आईएएस अफसरों दीपक सानन, अजय शर्मा, गोपाल चंद, आरएस गुप्ता और एचपीसीए के अन्य पदाधिकारियों समेत कुल 18 लोगों को आरोपी बनाया गया है।
हालांकि आईएएस अफसरों के खिलाफ प्रोसीक्यूशन केंद्र सरकार से अभियोजन मंजूरी आने के बाद ही शुरू होगी।
राज्यपाल दे चुकी हैं मंजूरी
धूमल के खिलाफ राज्यपाल उर्मिला सिंह अभियोजन मंजूरी पहले ही दे चुकी हैं। अनुराग के खिलाफ मंजूरी की जरूरत विजिलेंस ने नहीं समझी। तर्क दिया है कि केस 2002 का है, जब वह सांसद नहीं थे।
एचपीसीए पर यह एफआईआर 1 अगस्त 2013 को दर्ज हुई थी। इस केस में पूर्व मुख्यमंत्री धूमल और अफसरों पर एचपीसीए को फायदा पहुंचाने के लिए षड्यंत्र रचने और एचपीसीए पदाधिकारियों पर जालसाजी से सरकारी भूमि हड़पने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप है।
तथ्यों को परखना जरूरीः हाईकोर्ट
इससे पहले शुक्रवार सुबह हिमाचल हाईकोर्ट ने एचपीसीए पदाधिकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को निरस्त करने के आग्रह को लेकर दायर याचिका को खारिज कर दिया।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मंसूर एहमद मीर की एकल पीठ ने रिजर्व रखे गए फैसले को सुनाते हुए कहा कि विजिलेंस की ओर से दायर स्टेटस रिपोर्ट में प्रथम द्रष्ट्या 18 लोगों के विरुद्ध जालसाजी और भ्रष्टाचार का खुलासा होता है। जांच में सामने आये तथ्यों को अदालत में परखे बिना प्राथमिकी को रद्द नहीं किया जा सकता।
प्रार्थी एचपीसीए ने इस एफआईआर को रद्द करने की याचिका में दलील दी थी कि एचपीसीए पदाधिकारियों के खिलाफ दर्ज केस में लगाए गए आरोपों को यदि फेस वैल्यू पर भी लिया जाए, तब भी उनके विरुद्ध आपराधिक मामला नहीं बनता। इस दलील को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया।
अब क्या होगा केस में आगे?
सर्किट कोर्ट नूरपुर में चालान पेश होने के साथ ही एचपीसीए पर दर्ज एफआईआर में धूमल एवं अन्य आरोपियों के नाम भी जुड़ गए हैं। कोर्ट अब चार्जशीट के दस्तावेजों की स्क्रूटनी करेगा। यदि सभी दस्तावेज सही पाए गए तो ही प्रोसेस इश्यू होगा। सभी आरोपियों को समन के साथ चार्जशीट की प्रति भी भेजी जाएगी। सरकार को प्रोसीक्यूशन के जरिए अपने आरोप साबित करने होंगे और धूमल एवं एचपीसीए को इन आरोपों को चुनौती देनी होगी।
चार्जशीट के प्रक्रिया पहले ही पूरी हो गई थी। हम हाईकोर्ट के फैसले का इंतजार कर रहे थे। शुक्रवार को फैसला आने के बाद चालान कोर्ट में दायर कर दिया गया।
पृथ्वीराज, एडीजीपी विजिलेंस ब्यूरो
पूरे तथ्यों की जानकारी नहीं
चार्जशीट पेश होने की सूचना मिली है। इसके पूरे तथ्यों की जानकारी नहीं है। मामला अब न्यायिक हो गया है, इसलिए न्यायिक प्रक्रिया से ही अपनी बात रखेंगे, मीडिया के माध्यम से नहीं।
- प्रेम कुमार धूमल, पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष