सीबीआई ने हाईकोर्ट को सौंपी गुड़िया कांड की चार्जशीट
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गुड़िया दुष्कर्म और हत्याकांड की जांच कर रही सीबीआई ने मंगलवार को हाईकोर्ट में नई स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की। सीबीआई ने आरोपी चरानी अनिल उर्फ नीलू के खिलाफ तैयार चार्जशीट की कॉपी सौंपते हुए बताया कि 4 जुलाई, 2017 को दुष्कर्म के बाद अनिल ने गुड़िया की गला घाेंटकर हत्या कर दी थी।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ ने मामले पर सुनवाई 27 जून के लिए निर्धारित कर दी।
चार्जशीट के मुताबिक जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी की गुड़िया के ऊपर थूकने को लेकर कहासुनी हुई थी और फिर दोनों में हाथापाई हुई थी।
स्थानीय पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पांच लोगों को हिरासत में लिया था। 13 जुलाई, 2017 को स्थानीय पुलिस ने इस बात का खुलासा प्रेस कांफ्रेंस में किया था।
हालांकि सीबीआई ने जब स्थानीय पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के पॉलीग्राफ टेस्ट, नार्को एनालिसिस रिपोर्ट, ब्रेन इलेक्ट्रिकल ओसीलेशन सिग्नेचर प्रोफाइलिंग और कंप्रीहेन्सिव फोरेंसिक साइकोलॉजिकल जांच कराई तो खुलासा हुआ कि इन लोगों को गलत तरीके से हिरासत में लिया था।
पुलिस की ओर से घोषित आरोपियों को डिस्चार्ज करने को दरख्वास्त
चार्जशीट में यह भी बताया कि अनिल आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ वर्ष 2015 में पुलिस स्टेशन सराहां में धारा 307, 354, 326, 323 और 324 के तहत प्राथमिकी दर्ज हुई थी। इस मामले में उसे 14 जुलाई 2016 को हाईकोर्ट से जमानत मिली थी, तब से वह फरार था।
नीलू के खिलाफ यह भी आरोप है कि उसने 5 व 6 जुलाई 2017 की रात को एक युवती से दुष्कर्म का प्रयास किया। इसके अलावा 6 जुलाई को उसने एक युवती से दुर्व्यवहार किया था।
स्थानीय पुलिस ने अपनी तफ्तीश में आशीष चौहान, राजेंद्र सिंह उर्फ राजू, लोकजन उर्फ छोटू, सुभाष, दीपक उर्फ दीपू को जिन दो गवाहों के बयान पर गिरफ्तार किया था, वे सीबीआई की जांच में अपने बयान से ही मुकर गए।
इसके बाद से ही पुलिस की पूरी थ्योरी पर ही सवाल खड़े हो गए। अब सीबीआई ने कोर्ट से पुलिस द्वारा घोषित आरोपियों को इस मामले के लिए दोषी न पाते हुए उन्हें आपराधिक संहिता प्रक्रिया की धारा 169 के तहत डिस्चार्ज करने को कहा है।
आरोपी पुलिस कर्मियों की दो जून बढ़ाई न्यायिक हिरासत
गुड़िया प्रकरण में पुलिस हिरासत में हुई एक नेपाली आरोपी की हत्या मामले में गिरफतार पुलिस की एसआईटी टीम के सभ आरोपी सदस्य पुलिस कर्मियों को मंगलवार को जीजेएम अदालत में पेश किया गया।
इस मामले में अदालत ने आरोपियों द्वारा मांगी गई कॉल डिटेल रिपोर्ट पर सुनवाई की। इसमें आरोपी पुलिस कर्मियों का पक्ष सुना गया। जिन्होंने मामले की जांच कर रही सीबीआई से यह रिपोर्ट मांगी थी।
अदालत ने पक्ष सुनने के बाद सभी आरोपी पुलिस कर्मियों की न्यायिक हिरासत को दो जून तक बढ़ा दिया है। अब मामले पर अगली सुनवाई दो जून को ही होगी।