छात्रवृत्ति घोटाले की जांच के लिए हिमाचल के टाहलीवाल में सीबीआई ने दी दबिश
करीब 250 करोड़ छात्रवृत्ति घोटाले के तार ऊना जिले के एक शिक्षण संस्थान के साथ जुड़े हुए पाए गए हैं। सीबीआई इस मामले में गिरफ्तारी भी कर चुकी है। अब इस मामले में तहकीकात जारी है। इस मामले में अब सामने आया है कि शिक्षा निदेशालय से साल 2013-14 से 2016-17 तक मात्र छह निजी संस्थानों को 127 करोड़ की छात्रवृत्ति राशि जारी हुई है।
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छात्रवृत्ति घोटाले को लेकर मंगलवार को सीबीआई ने हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के टाहलीवाल की एक बैंक शाखा में दबिश दी। सीबीआई की टीम ने बैंक में विद्यार्थियों के खातों की जांच की है और कुछ रिकॉर्ड भी कब्जे में लिया है। सीबीआई की दबिश से इलाके में हड़कंप मचा रहा।करीब 250 करोड़ छात्रवृत्ति घोटाले के तार जिले के एक शिक्षण संस्थान के साथ जुड़े हुए पाए गए हैं। सीबीआई इस मामले में गिरफ्तारी भी कर चुकी है। अब इस मामले में तहकीकात जारी है। इस मामले में अब सामने आया है कि शिक्षा निदेशालय से साल 2013-14 से 2016-17 तक मात्र छह निजी संस्थानों को 127 करोड़ की छात्रवृत्ति राशि जारी हुई है। अधिकारियों की मिलीभगत से 266 निजी संस्थानों को कुल छात्रवृत्ति राशि का 80 फीसदी बजट दिया गया।
जबकि 2506 सरकारी व निजी संस्थानों को सिर्फ 20 फीसदी छात्रवृत्ति बजट ही दिया गया। चार सालों में सबसे अधिक आईटीएफटी चंडीगढ़ को 39 करोड़ और दूसरे नंबर पर हिमालयन ग्रुप ऑफ प्रोफेशनल इंस्टीट्यूट कालाअंब को 35 करोड़ जारी किए गए। विद्या ज्योति ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन को 15 करोड़, केसी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन पंडोगा को 13 करोड़, केसी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन नवांशहर को 12 करोड़ और सुखविंद्र ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन दूनेरा को 10 करोड़ की छात्रवृत्ति राशि जारी की गई। अब इस मामले में सीबीआई जांच कर रही है। जिले के एक शिक्षण संस्थान के साथ तार जुड़े हुए होने के कारण सीबीआई टीम यहां भी जांच पड़ताल कर रही है।