फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   big Revealing in laborer burnt alive case at nahan sirmour himachal

कार में जिंदा जलाने के मामले में ऐसे खुला हत्या का राज

Thu, 06 Dec 2018 10:14 AM IST
संजय भारद्वाज, अमर उजाला, नाहन (सिरमौर)
संजय भारद्वाज, अमर उजाला, नाहन (सिरमौर) Updated Thu, 06 Dec 2018 10:14 AM IST
विज्ञापन
big Revealing in laborer burnt alive case at nahan sirmour himachal

दरिंदगी की हदें पार कर कार में जिंदा जलाकर मौत के घाट उतारे गए राजस्थान के राजू की हत्या का राज खुलना आसान नहीं था। पुलिस भी इसे लगभग दुर्घटना ही मान चुकी थी। लगभग दो सप्ताह पहले की इस वारदात को दुर्घटना का रूप देकर आकाश विदेश भागने की फिराक में था।

विज्ञापन


लेकिन, घटना वाले दिन से ही गुमशुदा हुए राजू की तलाश में कुछ दिन बाद पंजाब पुलिस के सिरमौर पहुंचने के बाद  पुलिस चौकन्ना हो गई। एक जांच टीम गठित कर मामले की गहनता से छानबीन शुरू कर दी।      
विज्ञापन


दरअसल, राजू की गुमशुदगी की रिपोर्ट उसके (राजू) भाई बबलू ने डेराबस्सी थाना में दर्ज करवाई। राजू आकाश के साथ ही काम करता था जबकि आकाश की शिनाख्त करने के बाद आकाश की पत्नी और बेटी ने पुलिस से डेथ सर्टिफिकेट देने की भी गुजारिश की।
विज्ञापन
विज्ञापन


एएसपी वीरेंद्र ठाकुर ने बताया कि डेथ सर्टिफिकेट लेने की जल्दबाजी और मिसिंग रिपोर्ट को आधार बनाकर एसपी रोहित मालपानी के निर्देशों पर एक विशेष टीम बनाई गई।

धमकी भरा पत्र किया वायरल     

big Revealing in laborer burnt alive case at nahan sirmour himachal

जिसमें एचएचओ विजय, सहायक एसएचओ योगेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल जकीर, अमरिंद्र आदि शामिल रहे। शहर में लगे सीसीटीवी कैमरों से मामले का पटाक्षेप करने में सबसे अधिक सहायता मिली।

डेथ सर्टिफिकेट लेने की जल्दबाजी में भतीजा रवि जब नाहन पहुंचा तो उससे गहनता से पूछताछ कर गिरफ्तार कर लिया गया। जिसके बाद इस पूरे मामले का खुलासा हो गया।       

एएसपी वीरेंद्र ठाकुर ने बताया कि पुलिस की तफ्तीश को भटकाने के लिए बाकायदा मुख्य आरोपी ने खुद को ही जान का खतरा बताकर एक पत्र भी वायरल किया था। इसके मुताबिक वो देहरादून जा रहा था।

हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद आकाश विदेश जाने की फिराक में था। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि आकाश की बेटी यूरोपियन देश साइप्रस में पढ़ाई कर रही है।

बेटा पंजाब विश्वविद्यालय का छात्र है। पुलिस को उसके नेपाल या फिर साइप्रस जाने का शक था। लिहाजा, उसे दबोचने के लिए जाल बिछाया गया और बिहार-उत्तर प्रदेश की सीमा पर स्थित जलालपुर में उसे दबोच लिया गया।       

सीसीटीवी कैमरों ने भी खोले राज      

big Revealing in laborer burnt alive case at nahan sirmour himachal

पुलिस की प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि आकाश ने स्विफ्ट कार (पीबी65-3372) में मजदूर राजू को बिठाया था, जबकि पीछे सैंट्रो कार (एचआर03-3504) में 28 वर्षीय भतीजा रवि मौजूद था। वारदात को अंजाम देने से पहले यह दोनों कारें नाहन शहर में देखी गईं।

अत्याधुनिक कैमरों में दोनों ही कारों में एक या दो मिनट का अंतर होने से पुलिस का शक और मजबूत हो गया। वारदात के मुख्य आरोपी आकाश कुमार नेपाल पहुंचने की फिराक में था।

पुलिस को आकाश के अवध तूफान एक्सप्रेस में लखीसराय से गंगानगर में सवार होने की सूचना मिली। ट्रेन अपने रूटीन टाइम से दो से तीन घंटे लेट थी। इसके पलवल पहुंचने से पहले ही स्थानीय रेलवे पुलिस की मदद से उसे रेलवे स्टेशन पर दबोच लिया गया।

डीएनए टेस्ट में की आनाकानी
एएसपी वीरेंद्र ठाकुर ने बताया कि दुर्घटना के बाद परिजनों ने आकाश के रूप में उसकी शिनाख्त कर दी थी। पुलिस तमाम जांच के दौरान औपचारिकताएं पूरी करने के बाद डीएनए जांच करवाने वाली थी। लेकिन, परिजन डीएनए जांच में भी आनाकानी करने लगे। इससे पुलिस को मामले के संदिग्ध होने का शक गहरा गया।

मौत से लेकर क्रियाकर्म तक की लिख डाली थी स्क्रिप्ट 

big Revealing in laborer burnt alive case at nahan sirmour himachal

धन के लोभ में मानवीय संवेदनाएं भुलाकर पेशे से ठेकेदार आकाश वहशीपन पर उतर आया। उसने अपने ही मजदूर को ऐसी दर्दनाक मौत दी कि देखना तो दूर सुनने वालों की रूह भी कांप जाए।

पुलिस थ्योरी के मुताबिक पंजाब में बड़े-बड़े बिल्डरों के साथ ठेकेदारी करने वाले आकाश ने न केवल अपनी मौत, बल्कि अपने क्रियाकर्म तक की स्क्रिप्ट लिख डाली थी। मजदूर की बेरहमी से हुई हत्या को दुर्घटना का रूप दिया और फिर अपनी ही मौत का स्वांग रच दिया।

यहां तक कि परिवार के लोगों ने मृतक मजदूर राजू की आकाश के रूप में शिनाख्त कर मृत्यु के बाद निभाए जाने वाले अंतिम संस्कार भी करवा दिए। 14 दिनों के बाद लोगों व सगे संबंधियों को भोग भी खिलाया गया। एएसपी वीरेंद्र ठाकुर ने इसकी पुष्टि की है।
 

मामले में पूरे परिवार की भूमिका संदेह के घेरे में

हालांकि, परिवार के लोग इस षड्यंत्र में शामिल थे या नहीं। फिलहाल इसका पता नहीं चला है। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है। नाहन से लगभग पांच किलोमीटर दूर कालाअंब-पांवटा सड़क मार्ग पर जुड्डा का जोहड़ के पास 19-20 की रात बर्निंग कार मामले में जिंदा जले शख्स की मौत किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं थी।

राजस्थान के गरीब परिवार के बेटे राजू को पहले शराब पिलाना। फिर गला घोटकर अधमरा करना और फिर तारपीन का तेल छिड़ककर जला देने वाली वारदात रौंगटे खड़े करने वाली है। राजू हत्याकांड के इस मामले में पूरे परिवार की भूमिका संदेह के घेरे में है।

लिहाजा, पुलिस फूंक-फूंककर कदम रख रही है। इस मामले में परिवार के लोगों से भी पुलिस गहन-पूछताछ कर सकती है। वहीं, गिरफ्तारियों से भी इंकार नहीं किया जा सकता।   

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed