एटीएम लूटने के लिए शातिरों ने रची अनोखी साजिश
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शिमला पुलिस ने यहां माल रोड पर पंजाब नेशनल बैंक के एटीएम से लाखों की लूट की साजिश का पर्दाफाश कर दिया। शातिर हजारों उपभोक्ताओं के बैंक खाते से लाखों रुपये उड़ा लेते इससे पहले बैंक प्रबंधन और पुलिस के जाल में फंस गए।
शातिरों ने इस लूट को अंजाम देने के लिए हाईटेक तरीका अपनाकर जाल बिछा रखा था। लेकिन उनके मंसूबे पूरे नहीं हो पाए। इस मामले में पुलिस ने मुंबई के दो युवकों सलीम अहमद शेख और मोहम्मद रफीक को गिरफ्तार किया है।
दोनों आरोपियों की उम्र 30 से 32 साल के बीच बताई जा रही है। आरोपियों के खिलाफ थाना सदर में मुकदमा दर्ज कर आगामी छानबीन अमल में लाई जा रही है।
ऐसे अंजाम दे रहे थे लूट की वारदात
पुलिस के अनुसार एटीएम उपभोक्ताओं के पैसे चुरा लेने के इरादे से आरोपियों ने बड़ी ही चालाकी से एटीएम में एक स्पाई कैमरा और स्कीमर लगा रखा था। इससे पहले की वह इसकी मदद से उपभोक्ताओं के एटीएम का पूरा डाटा चुरा ले जाते, बैंक प्रबंधन के एक प्रतिनिधि की नजर एटीएम पर पड़ी और गड़बड़ी का अंदेशा होने पर तुरंत पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने मौके पर युवकों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया जैसे ही आरोपी एटीएम से स्पाई कैमरा और स्कीमर को निकालने के लिए आए उन्हें धर दबोचा। बैंक प्रबंधन की चौकसी और पुलिस की तत्परता की वजह से उपभोक्ताओं का लाखों रुपया लुटने से बच गया।
ऐसे बनाया प्लान
शनिवार को मालरोड पर पंजाब नेशनल बैंक की एटीएम में एटीएम कार्ड की डिटेल स्कैन करने के लिए जालसाजों ने एटीएम में कार्ड स्वैप करने वाली जगह पर अतिरिक्त स्लॉट स्कीमर और पासवर्ड के लिए स्पाई कैमरा लगा रखा था।
इस दौरान जो भी उपभोक्ता एटीएम में कार्ड का इस्तेमाल कर रहा था उसकी पूरी डिटेल स्कीमर में आ रही थी। स्पाई कैमरे में उसका पिन कोड रिकार्ड हो रहा था। शातिर अपनी योजना में कामयाब रहते तो वह स्कीमर और स्पाई कैमरा निकाल ले जाते।
इसके बाद साफ्टवेयर की मदद से डिटेल हासिल कर एटीएम के क्लोन तैयार कर लेते। एटीएम के क्लोन तैयार होने पर कहीं से भी एटीएम से पैसा निकाल लेते। उपभोक्ताओं को इस बात की भनक तक नहीं लगती कि आखिर उनके खाते से पैसा निकला तो कैसे।
ऐसे लगती है सेंध
कार्ड के डिटेल से क्लोन तैयार कर जालसाज खातों में सेंध लगाकर रकम निकाल लेते हैं। अब तक जालसाज एटीएम में गड़बड़ी होने की बात करके उपभोक्ता को झांसा देकर उनके खाते से रकम निकाल लेते थे।
कई मामलों में उपभोक्ता का एटीएम कार्ड चोरी कर खाते से रकम आसानी से निकाल ली जाती थी। कार्ड के कवर पर पिन लिखा होने के कारण ठगों को रकम निकालने में दिक्कत नहीं होती थी।
लेकिन अब जालसाजों ने ठगी का जो हाई टेक रास्ता चुना है वह हैरान कर देने वाला है। बदमाश एटीएम में अतिरिक्त स्लॉट और साइट में स्पाई कैमरे से उपभोक्ता की जानकारी हासिल कर ली जाती। इसकी भनक उपभोक्ता को भी नहीं लगती।
एटीएम में लगता है अतिरिक्त स्लॉट
मशीन में कार्ड स्वैप करने वाले स्थान पर स्कीमर डिवाइस लगा दी जाती है। देखने में यह डिवाइस मशीन का हिस्सा लगता है। इसके अलावा एटीएम की स्क्रीन और की-बोर्ड पर नजर रखने के लिए केबिन में स्पाई कैमरा फिट कर दिया जाता है।
ग्राहक जब अपना कार्ड मशीन में स्वैप करता है तो डिवाइड कार्ड को स्कैन कर लेती है। केबिन में लगा कैमरा स्क्रीन और पास वर्ड रिकार्ड कर लेता है। ठगों के पास दर्जनों कार्डों की डिटेल होती है। इसके बाद उनके क्लोन तैयार करते हैं। जिस खाते में बैलेंस अधिक होता है उनमें से रकम निकाल ली जाती है।
ऐसे गिरफ्त में आए आरोपी
बैंक के आईटी सर्कल के मैनेजर प्रमोद कुमार ने एटीएम को चेक किया। उन्होंने पाया कि एटीएम मशीन का कार्ड रीडर अपनी जगह पर नहीं है। जब उसको जांचा तो वह उनके हाथ में आ गया। यहीं से गड़बड़ी का अंदेशा शुरू हो गया।
बारिकी से जांच की तो एटीएम में एक स्पाई कैमरा मिला। तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि शनिवार दोपहर बाद तीन बजे दो युवक एटीएम में आए और उन्होंने इन्हें इंस्टाल किया था।
इसके बाद लगातार सीसीटीवी पर नजर रखी गई क्योंकि पुलिस को पता था वह इसे लेने जरूर आएंगे। शाम करीब 6.35 बजे शातिर एटीएम में दाखिल हुए। इससे पहले की वह स्कीमर और स्पाई कैमरे को साथ ले जाते पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।
हवाई जहाज से आए थे दोनों आरोपी
दोनों आरोपियों ने खुद को सैलानी बताया। मालरोड़ पर एक होटल में ठहरे। उन्होंने बताया कि वह पहली बार शिमला आए। मुंबई से चंडीगढ़ फ्लाइट में आए उसके बाद शिमला टैक्सी से पहुंचे। स्कीमर लगाने के लिए कई एटीएम में घूमे लेकिन पीएनबी के एटीएम में ही वह फिट बैठा। आरोपियों ने कितनी वारदातों को अंजाम दिया है, इसकी तफ्तीश की जा रही है।
एएसपी सिटी भजन देव नेगी ने कहा कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। बैंक प्रबंधन ने समय रहते सूचना दे दी थी। इसके बाद पुलिस ने फौरी कार्रवाई की। इससे पहले की आरोपी भाग खड़े होते इन्हें धर दबोचा। इस तरह की वारदातों से बचने के लिए पुलिस लोगों को जागरूक करती रही है।