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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   9.40 lakh cheating and forgery case againest Bank at Una.

बैंकवालों की करतूत, फर्जीवाड़ा कर ग्राहक के 9.40 लाख डकारे

Wed, 03 Aug 2016 12:27 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊना
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊना Updated Wed, 03 Aug 2016 12:27 PM IST
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9.40 lakh cheating and forgery case againest Bank at Una.

बैंक प्रबंधन ही एक ग्राहक के लिए लुटेरा बन गया। एक तरफ उसके अकाउंट से लाखों निकाले गए तो दूसरी ओर उसे नोटिस पर नो‌टिस देते रहे। यह सनसनीखेज मामला हिमाचल के ऊना का है।

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यहां अंब स्थित एक राष्ट्रीयकृत बैंक शाखा में खाताधारक के खाते से लाखों रुपये निकाल लिए गए।  हालांकि, बैंक प्रबंधन ने अपने स्तर पर इस मामले की जांच शुरू कर दी है। उधर, न्याय न मिलने पर पीड़ित खाताधारक ने इस मामले की डीसी से समुचित जांच करवाने की मांग की है।
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तत्कालीन बैंक प्रबंधक समेत अन्य बैंक कर्मियों पर खाताधारक के सेविंग अकाउंट से उसकी सहमति के बिना फर्जी हस्ताक्षर कर विभिन्न दस किस्तों में कुल 9 लाख 39 हजार 900 रुपये निकालने का आरोप लगाया गया है।
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जानकारी के मुताबिक खाताधारक कोटला कलां निवासी दीपक कुमार ने डीसी को सौंपी शिकायत में आरोप लगाया है कि अंब स्थित एक बैंक शाखा में उनके सेविंग अकाउंट से 23 अप्रैल 2012 को पहली किस्त के रूप में 90 हजार निकाले गए।

इसके बाद निकाले लाखों, न मैसेज किया न सूचना दी

9.40 lakh cheating and forgery case againest Bank at Una.

उसके बाद क्रमश: विभिन्न किस्तों में 07 मार्च 2003 तक कुल 9 लाख, 39 हजार 900 रुपये उसकी बिना अनुमति के अकाउंट से बैंक प्रबंधन ने निकाल लिए। इसकी सूचना उन्हें न तो एसएमएस के जरिये मिली और न ही बैंक प्रबंधन ने सूचित किया।

दीपक कुमार ने बताया कि उन्हें इस बात की जानकारी 19 मार्च 2016 को उस वक्त मिली जब उन्होंने संबंधित शाखा से अपनी स्टेटमेंट निकलवाई। उन्होंने जब इस मामले में बैंक प्रबंधन को शिकायत की तो बैंक प्रबंधन ने सारा मामला तत्कालीन बैंक प्रबंधक के पाले में डालते हुए कहा कि इसकी जांच की जाएगी।

वहीं, इसी बैंक की ऊना शाखा से दीपक कुमार को 15 लाख का लोन भी जारी हुआ है, जिसे न चुका पाने पर ऋणी को बैंक प्रबंधन द्वारा कुर्की नोटिस जारी किया गया है। दीपक कुमार का आरोप है कि बैंक प्रबंधन एक ओर फर्जीवाड़े से उनके खाते से पैसे निकालता रहा, दूसरी ओर उन्हें नोटिस जारी कर दिया गया।

इसकी वजह से उन्हें भारी परेशानियों से गुजरना पड़ा है। वहीं, उपायुक्त यूनुस का कहना है कि शिकायत आई है। मामले की जांच करवाई जाएगी। जबकि, संबंधित शाखा प्रबंधक का कहना है कि संबंधित मामला 2012 से 2014 के बीच का है, जिसकी बाकायदा विभागीय जांच चल रही है। उन्होंने कहा कि सर्किल स्तर पर बैंक के उच्चाधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं।

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