दो शातिरों ने ग्रामीण बैंक को लगाया 26 लाख का चूना
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शिमला में ग्रामीण बैंक की खलीनी ब्रांच में फर्जी दस्तावेज और फर्जी बैंक खाते के आधार पर दो खाताधारकों ने बैंक को लाखों का चूना लगा दिया। एक निजी कंपनी के निदेशक को बैंक ने मशीन खरीदने के लिए 21 लाख 60 हजार रुपये दिए, लेकिन निदेशक ने यह पैसा कहीं और खर्च कर लिया। दूसरे मामले में व्यक्ति ने फर्जी बिल बनाकर बैंक से पांच लाख लोन ले लिया। इसने बैंक में एक भी किस्त जमा नहीं करवाई।
फर्जी खाते से हड़प लिए साढ़े 21 लाख
ग्रामीण बैंक की खलीनी शाखा में मशीन खरीदने के नाम पर प्राइवेट कंपनी के निदेशक ने 21 लाख 60 रुपये का गोलमाल कर दिया। ब्रांच मैनेजर की ओर से इस बारे में न्यू शिमला पुलिस थाना में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करवाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी है।
पुलिस को दी शिकायत में बैंक के ब्रांच मैनेजर ने कहा कि नौ जनवरी 2015 को एक प्राइवेट कंपनी को मशीन की खरीद के लिए 21 लाख 60 हजार दिए गए, लेकिन संबंधित कंपनी के निदेशक ने वह मशीन खरीदी ही नहीं और बैंक में जाली दस्तावेज पेश किए।
आरोपी निदेशक की मंशा पहले से ही बैंक के साथ धोखाधड़ी करने की थी। इतना ही नहीं आरोपी ने बैंक में फर्जी बैंक खाता भी खुलवाया। आरोपी ने इस रकम का इस्तेमाल कहीं दूसरी जगह किया है।
जाली बिल दिखा पास करवाया 5 लाख लोन
दूसरा मामला भी ग्रामीण बैंक खलीनी की ही शाखा का है। यहां एक व्यक्ति ने बैंक से 12 फरवरी 2015 को लोन लिया। उसने बैंक में फर्जी इनवाइस बिल पेश करके पांच लाख का लोन ले लिया। आरोपी ने बैंक में फर्जी एकाउंट भी खोला।
पैसा देने के बाद जब आरोपियों ने किस्तें बैंक में जमा नहीं की तो तब जाकर फर्जीवाड़े का पता चला। हालांकि बताते चलें कि किसी भी कंपनी या व्यक्ति को लोन देने से पहले किसी भी बैंक की ओर से सभी दस्तावेज बारीकी से जांचे जाते हैं उसी के बाद बैंक किसी को फाइनेंस करता है। खलीनी शाखा में हुए गोलमाल पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
मामला दर्जकर छानबीन शुरू : नेगी
इस बारे में एसपी शिमला डीडब्ल्यू नेगी ने कहा कि शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आगामी छानबीन अमल में लाई जा रही है।