{"_id":"5b0d8f124f1c1bb16e8b533a","slug":"141527615250-shimla-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पानी पर नहीं थमा जनाक्रोश, चार जगह चक्का जाम","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पानी पर नहीं थमा जनाक्रोश, चार जगह चक्का जाम
Updated Wed, 30 May 2018 11:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर में चल रहे जल संकट पर लोगों का जनाक्रोश नहीं थम रहा है। मंगलवार को सरकारी दावों के बावजूद कई स्थानों पर पानी की सप्लाई न मिलने से गुस्साए लोगों ने चक्का जाम कर दिया। जोन वन के कई इलाकों में सुबह के समय सप्लाई नहीं मिली। कीमैन और नोडल अफसरों को संपर्क किया लेकिन फोन नहीं उठाए।
विज्ञापन
इस पर जनता का गुस्सा फूट गया। लोग बोले कि निगम ने 12 बजे तक पानी देने का दावा किया था, लेकिन तीन बजे तक पानी नहीं आया है। जहां आया, वहां भी प्रेशर कम होने से लोग दो बाल्टी ही भर पाए। न्यू शिमला थाना, पटयोग के लेन वन और बीसीएस चौक पर लोग सड़क पर उतर आए और चक्का जाम कर दिया। इधर, शाम करीब सात बजे पानी न मिलने पर गुस्साए लोगों ने छोटा शिमला में चक्का जाम कर दिया।
विज्ञापन
इस वजह से कसुम्पटी की ओर जाने वाला ट्रैफिक बाधित हो गया। एक साथ तीन जगह प्रदर्शन होने पर पुलिस के भी पसीने छूट गए। बाद में टैंकर भेजने और दोबारा सप्लाई के भरोसे के बाद लोगों का गुस्सा शांत हुआ। न्यू शिमला पार्षद कुसुमलता ठाकुर, पटयोग पार्षद आशा शर्मा, कसुम्पटी पार्षद राकेश चौहान ने बताया कि कुछेक घरों में पानी नहीं पहुंच पाया है।
विज्ञापन
बालूगंज में चक्का जाम, एसडीएम ने किया शांत
बालूगंज चौक पर दोपहर करीब एक बजे लोगों ने यातायात रोक दिया। आठ दिन से पानी न मिलने से परेशान लोगों ने निगम के खिलाफ नारे भी लगाए। बाद में एसडीएम नीरज चांदला और पार्षद किरण बावा के समझाने पर लोग शांत हुए। यहां बुधवार को पानी दिया जाएगा।
इन इलाकों में नहीं आया पानी
जोन वन में आने वाले आठ वार्डों में मंगलवार को सप्लाई दी जानी थी। सुबह सात से 12 बजे तक कसुम्पटी, पंथाघाटी, पटयोग, कंगनाधार और न्यू शिमला में पानी देने का दावा था। लेकिन कसुम्पटी के जीवणू और पुलिस कालोनी, न्यू शिमला के सेक्टर चार, पटयोग के सेक्टर वन के लेन वन, लोअर कंगनाधार और पंथाघाटी के शकराला में पानी नहीं आया। चक्का जाम के बाद शाम को कंगनाधार, पटयोग, कसुम्पटी में दोबारा सप्लाई दी गई।
मेयर-डिप्टी मेयर दफ्तर में घुसे माकपा प्रदर्शनकारी, पुलिस से धक्कामुक्की
भीषण जल संकट पर माकपा ने मंगलवार को बवाल कर दिया। मेयर, डिप्टी मेयर और आयुक्त में कार्यकर्ता घुस गए। कार्यालयों में सभी के नदारद मिलने पर इनका गुस्सा फूट गया। जमकर नारेबाजी की। पुलिस ने जब शांत करने की कोशिश की तो धक्कामुक्की हो गई। कार्यालय के अलावा बाहर भी प्रदर्शनकारियों और पुलिस में धक्कामुक्की हुई। स्थिति को संभालने के लिए पहले ही क्यूआरटी मौके पर बुलाई गई थी।
बावजूद प्रदर्शनकारियों ने जमकर बवाल काटा। माकपा का आरोप है कि पुलिस ने कार्यकर्ताओं को पीटा। इधर, पुलिस के अफसरों का कहना है कि माकपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस के साथ बदतमीजी की। सबसे पहले कार्यकर्ता डिप्टी मेयर कार्यालय पहुंचे। डिप्टी मेयर दफ्तर में नहीं थे। इसके बाद मेयर और फिर आयुक्त कार्यालय में कार्यकर्ता घुस गए।
यहां पर रखी टेबल तथा कुर्सियों पर चढ़कर हंगामा किया। पुलिस की टीम ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने। इसके बाद प्रदर्शनकारी उपायुक्त कार्यालय के बाहर पहुंच गए और नारेबाजी करते हुए शेरे पंजाब तक रैली निकाली।
रैली में पार्टी राज्य सचिव डॉ. ओंकार शाद, पूर्व महापौर संजय चौहान, राज्य सचिवालय सदस्य डॉ. कुलदीप तनवर, राज्य कमेटी सदस्य विजेंद्र मेहरा, शहरी सचिव बलबीर पराशर, प्रेम गौतम, फालमा चौहान, जगत राम, सत्यवान पुंडीर, डॉ. रीना, बाबू राम, चंद्रकांत, किशोरी डटवालिया, सोनिया, अनिल, रमन, दिनित, पवन मौजूद रहे।
मेयर और डिप्टी मेयर दे पद से दें इस्तीफा
पूर्व मेयर संजय चौहान, राज्य कमेटी सदस्य विजेंद्र मेहरा और शहरी सचिव बलबीर पराशर ने कनलोग में सीवेज पानी पिलाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। इनका कहना है कि नगर निगम पानी देने में पूरी तरह विफल है। मेयर, डिप्टी मेयर को पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने वाटर फिल्टर से भरी पानी की बोतलें
घेराव के दौरान जब माकपा कार्यकर्ता निगम आयुक्त के ऑफिस के बाहर नारेबाजी करते हुए पहुंचे तो उन्हें वहां पर वाटर फिल्टर और गिलास दिखाई दिए। कुछ कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी छोड़कर पहले पानी पिया तो कुछ महिलाओं ने साथ लाई बोतल में पानी भरा।
अश्वनी बंद की तो भी एक दिन छोड़कर दिया जाता था पानी
माकपा ने आरोप लगाया है कि 2015 में अश्वनी की सप्लाई बंद करने के बाद भी 20 एमएलडी पानी मिलता था। उस वक्त भी एक दिन छोड़कर पानी शहरवासियों को दिया जाता था, लेकिन आज जब 23.57 एमएलडी पानी मिल रहा है, तो भी शहर की जनता को हफ्ते में एक बार पानी मिल रहा है।
पानी मांग रहे लोगों पर बना दिए केस
पानी न आने पर सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस ने केस दर्ज कर दिए। बालुगंज थाना में दो और सदर में एक एफआईआर दर्ज की गई है। इसमें दर्जनों लोगों पर केस दर्ज किया गया है। बालुगंज में दो प्रदर्शन करने पर केस दर्ज कर दिया। इधर, मेयर और डिप्टी मेयर ऑफिस घुसने वाले माकपा के प्रदर्शनकारियों पर भी केस किया गया है। इधर, न्यू शिमला में चक्का जाम करने वाले लोगों के खिलाफ भी पुलिस में केस दर्ज किया गया है।