टॉफी का लालच देकर मासूम से रेप करता रहा मामा, 12 साल कैद
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स्पेशल जज शिमला विरेंद्र सिंह की अदालत ने नेरवा में नाबालिग बच्ची के साथ दुराचार के मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए बारह साल की कैद और एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। रिश्ते में मामा ने बच्ची को पैसे और टॉफी का लालच देकर उसके साथ कई बार दुराचार किया।
पीड़िता के पुनर्वास के लिए दो लाख का मुआवजा देने का फैसला भी सुनाया गया है। वीरवार को अदालत में हुई मामले की सुनवाई से पूर्व 14 गवाहों के दर्ज किए गए। इसमें आरोपी का दोष साबित हो गया। इसी के आधार पर निक्का राम को रिश्ते में भांजी के साथ दुराचार का दोषी पाया गया।
इस मामले में अभियोजन पक्ष से विशेष जिला न्यायवादी रणदीप सिंह परमार ने पैरवी की। चार अगस्त 2015 को नेरवा थाना में पीड़िता बारह वर्षीय बच्ची के माता-पिता ने आरोपी निक्का राम के खिलाफ दुष्कर्म की शिकायत दर्ज करवाई।
लालच देकर कई बार मासूम से किया रेप
अभिभावकों ने आरोप लगाया कि आरोपी निक्का राम लड़की का रिश्ते में मामा लगता है, उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। तीन अगस्त को बच्ची ने माता-पिता को इस बारे में बताया। बच्ची ने बताया कि निक्का राम उसे 14 दिन पहले एक नाले में पैसे और टॉफी का लालच देकर लेकर गया और वहां उसके साथ दुराचार किया।
इसके बाद भी उसने उसके साथ कई बार यह कृत्य किया। आरोपी ने इस बारे किसी को भी कुछ भी बताने पर उसे मारने की धमकी भी दी थी। इसी वजह से नाबालिग किसी को यह सब नहीं बता पाई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया। पुलिस ने बच्ची का मेडिकल जांच करवाई। इसमें दुराचार की पुष्टि हो गई।
मजिस्ट्रेट के सामने पीड़िता के बयान दर्ज किए गए। इसी के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर विशेष अदालत में दायर की। अदालत ने मामले में 14 गवाहों के दर्ज बयानों और अन्य तथ्यों के आधार पर आरोपी को नाबालिग से दुष्कर्म का दोषी पाया और बारह साल के कठोर कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। पीड़िता के पुनर्वास के लिए दो लाख का मुआवजा देने का फैसला भी सुनाया।