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Shimla News: शहर के शांति विहार में टनल के निर्माण से सात से ज्यादा भवनों में दरारें
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फर्श और मकानों की दीवारों दरकने से लोग चिंतित, इस क्षेत्र के ठीक नीचे बन रही फोरलेन की टनल
लोगों ने मेयर और उपायुक्त से मुलाकात कर मांगी राहत
लोगों का आरोप टनल की ब्लास्टिंग से खतरे में रिहायशी क्षेत्र
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के शांति विहार वार्ड के समिट्री से सटे रिहायशी इलाके में सात से ज्यादा भवनों को खतरा पैदा हो गया है। इन भवनों के फर्श और दीवारों पर दरारें आ गईं हैं। यह दरारें लगातार बढ़ रही हैं जिससे स्थानीय लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। प्रशासन ने शनिवार को अपनी टीमें मौके पर भेजने का फैसला लिया है।
फोरलेन टनल निर्माण से इलाके में कितनी कंपन पैदा हो रही है, इसे जांचने के लिए एनएचएआई ने मौके पर उपकरण लगा दिए हैं। इस क्षेत्र के भवनों की वीडियोग्राफी भी की जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार इस रिहायशी इलाके के ठीक नीचे फोरलेन टनलों का निर्माण हो रहा है। लोगों का आरोप है कि इसके लिए रात के समय ब्लास्टिंग की जा रही है जिससे टनल के ऊपर बने रिहायशी इलाके को खतरा पैदा हो गया है। स्थानीय लोग शुक्रवार को पार्षद विनीत शर्मा की अगुवाई में महापौर सुरेंद्र चौहान से मिले। लोगों ने इलाके का निरीक्षण करने और टनल निर्माण बंद करने का मामला उठाया। इसके बाद लोग उपायुक्त अनुपम कश्यप से मिले।
पार्षद विनीत शर्मा ने कहा कि भट्ठाकुफर से चलौंठी के लिए फोरलेन की दो टनल का निर्माण हो रहा है। यह निर्माण अब इस रिहायशी इलाके के ठीक नीचे पहुंच गया है। स्थानीय लोग कह रहे हैं कि रात के समय ब्लास्टिंग कर टनल के लिए खोदाई हो रही है। इसके चलते रिहायशी मकानों में दरारें आ गई हैं। लोगों ने उपायुक्त से मांग की कि टनल निर्माण पर तुरंत रोक लगाई जाए, जब तक इस क्षेत्र को मजबूती देने और लोगों की शंकाओं को दूर करने के लिए काम नहीं हो जाता, तब तक काम बंद रखा जाए। उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि शनिवार को एडीएम की अगुवाई में टीम मौके का जायजा लेगी।
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टनल निर्माण से कितनी कंपन, लगाए उपकरण
शांति विहार के रिहायशी इलाके में टनल निर्माण से कितनी कंपन पैदा हो रही है, इसके लिए यहां अब एनएचएआई की ओर से उपकरण भी लगाए जा रहे हैं। पार्षद विनीत शर्मा के अनुसार शुक्रवार को रिहायशी इलाके के बीच उपकरण लगाए हैं। इलाके की वीडियोग्राफी की गई है। लोगों ने आपत्ति जताई है कि पहले इस क्षेत्र की वीडियोग्राफी क्यों नहीं की गई। लोगों का कहना है कि टनल निर्माण में ब्लास्टिंग बंद की जाए। इसमें जिन भवनों में दरारें आई हैं, उन्हें भरा जाए। भूविज्ञानी से इस क्षेत्र की जांच करवाई जाए। यदि टनल निर्माण सुरक्षित है तो ही काम आगे बढ़ाया जाए।
विधायक के व्यावसायिक परिसर के आसपास भी दरारें
इस क्षेत्र में भाजपा विधायक बलवीर वर्मा का व्यावसायिक परिसर भी है। इसके आसपास भी हल्की दरारें हैं। परिसर का शीशा टूटने की भी सूचना है। हालांकि भवन को फिलहाल कोई खतरा नहीं है। विधायक ने कहा कि फोरलेन टनल के निर्माण से कई मकानों में दरारें आ गई हैं। कहा कि वह अभी दिल्ली में हैं। शिमला आकर देखेंगे कि कितना नुकसान हुआ है।
समिट्री है घनी आबादी वाला इलाका
शहर का समिट्री क्षेत्र घनी आबादी वाला इलाका है। यहां कई बहुमंजिला भवन हैं। अभी आधा दर्जन से ज्यादा मकानों में दरारें आई हैं लेकिन इससे आसपास के दूसरे भवन मालिकों की चिंता भी बढ़ गई है। फोरलेन के तहत भट्ठाकुफर से चलौंठी के लिए दो टनलों का निर्माण किया जा रहा है। दोनों छोर से यह निर्माण चला हुआ है।
भट्ठाकुफर, चलौंठी, लिंडीधार में हो चुका नुकसान
फोरलेन निर्माण के चलते शहर के भट्ठाकुफर, माठू कालोनी, चलौंठी, लिंडीधार में भी पहले काफी नुकसान हो चुका है। कई मकान दरक गए हैं जबकि भूस्खलन का भी खतरा बढ़ा है। हालांकि एनएचएआई ने इन क्षेत्रों में जमीन को मजबूती देने का काम भी किया है। इससे राहत मिली है। कुछेक भवनों का अधिग्रहण भी किया गया है।
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लोगों ने मेयर और उपायुक्त से मुलाकात कर मांगी राहत
लोगों का आरोप टनल की ब्लास्टिंग से खतरे में रिहायशी क्षेत्र
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के शांति विहार वार्ड के समिट्री से सटे रिहायशी इलाके में सात से ज्यादा भवनों को खतरा पैदा हो गया है। इन भवनों के फर्श और दीवारों पर दरारें आ गईं हैं। यह दरारें लगातार बढ़ रही हैं जिससे स्थानीय लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। प्रशासन ने शनिवार को अपनी टीमें मौके पर भेजने का फैसला लिया है।
फोरलेन टनल निर्माण से इलाके में कितनी कंपन पैदा हो रही है, इसे जांचने के लिए एनएचएआई ने मौके पर उपकरण लगा दिए हैं। इस क्षेत्र के भवनों की वीडियोग्राफी भी की जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार इस रिहायशी इलाके के ठीक नीचे फोरलेन टनलों का निर्माण हो रहा है। लोगों का आरोप है कि इसके लिए रात के समय ब्लास्टिंग की जा रही है जिससे टनल के ऊपर बने रिहायशी इलाके को खतरा पैदा हो गया है। स्थानीय लोग शुक्रवार को पार्षद विनीत शर्मा की अगुवाई में महापौर सुरेंद्र चौहान से मिले। लोगों ने इलाके का निरीक्षण करने और टनल निर्माण बंद करने का मामला उठाया। इसके बाद लोग उपायुक्त अनुपम कश्यप से मिले।
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पार्षद विनीत शर्मा ने कहा कि भट्ठाकुफर से चलौंठी के लिए फोरलेन की दो टनल का निर्माण हो रहा है। यह निर्माण अब इस रिहायशी इलाके के ठीक नीचे पहुंच गया है। स्थानीय लोग कह रहे हैं कि रात के समय ब्लास्टिंग कर टनल के लिए खोदाई हो रही है। इसके चलते रिहायशी मकानों में दरारें आ गई हैं। लोगों ने उपायुक्त से मांग की कि टनल निर्माण पर तुरंत रोक लगाई जाए, जब तक इस क्षेत्र को मजबूती देने और लोगों की शंकाओं को दूर करने के लिए काम नहीं हो जाता, तब तक काम बंद रखा जाए। उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि शनिवार को एडीएम की अगुवाई में टीम मौके का जायजा लेगी।
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टनल निर्माण से कितनी कंपन, लगाए उपकरण
शांति विहार के रिहायशी इलाके में टनल निर्माण से कितनी कंपन पैदा हो रही है, इसके लिए यहां अब एनएचएआई की ओर से उपकरण भी लगाए जा रहे हैं। पार्षद विनीत शर्मा के अनुसार शुक्रवार को रिहायशी इलाके के बीच उपकरण लगाए हैं। इलाके की वीडियोग्राफी की गई है। लोगों ने आपत्ति जताई है कि पहले इस क्षेत्र की वीडियोग्राफी क्यों नहीं की गई। लोगों का कहना है कि टनल निर्माण में ब्लास्टिंग बंद की जाए। इसमें जिन भवनों में दरारें आई हैं, उन्हें भरा जाए। भूविज्ञानी से इस क्षेत्र की जांच करवाई जाए। यदि टनल निर्माण सुरक्षित है तो ही काम आगे बढ़ाया जाए।
विधायक के व्यावसायिक परिसर के आसपास भी दरारें
इस क्षेत्र में भाजपा विधायक बलवीर वर्मा का व्यावसायिक परिसर भी है। इसके आसपास भी हल्की दरारें हैं। परिसर का शीशा टूटने की भी सूचना है। हालांकि भवन को फिलहाल कोई खतरा नहीं है। विधायक ने कहा कि फोरलेन टनल के निर्माण से कई मकानों में दरारें आ गई हैं। कहा कि वह अभी दिल्ली में हैं। शिमला आकर देखेंगे कि कितना नुकसान हुआ है।
समिट्री है घनी आबादी वाला इलाका
शहर का समिट्री क्षेत्र घनी आबादी वाला इलाका है। यहां कई बहुमंजिला भवन हैं। अभी आधा दर्जन से ज्यादा मकानों में दरारें आई हैं लेकिन इससे आसपास के दूसरे भवन मालिकों की चिंता भी बढ़ गई है। फोरलेन के तहत भट्ठाकुफर से चलौंठी के लिए दो टनलों का निर्माण किया जा रहा है। दोनों छोर से यह निर्माण चला हुआ है।
भट्ठाकुफर, चलौंठी, लिंडीधार में हो चुका नुकसान
फोरलेन निर्माण के चलते शहर के भट्ठाकुफर, माठू कालोनी, चलौंठी, लिंडीधार में भी पहले काफी नुकसान हो चुका है। कई मकान दरक गए हैं जबकि भूस्खलन का भी खतरा बढ़ा है। हालांकि एनएचएआई ने इन क्षेत्रों में जमीन को मजबूती देने का काम भी किया है। इससे राहत मिली है। कुछेक भवनों का अधिग्रहण भी किया गया है।