रंग लाई मुहिम, 52 बच्चों को जल्द मिलेगा स्कूल भवन
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हिमाचल में ‘शिक्षा का सच’ नाम से शुरू की गई ‘अमर उजाला’ की मुहिम रंग ला रही है। इसी कड़ी में 11 मई के अंक में टिन के शेड में स्कूल और सड़क पर क्लास शीर्षक से खबर छपने के बाद शनिवार को स्कूल भवन का नींव पत्थर सीपीएस मनसाराम ने रखा। ‘अमर उजाला’ की खबर पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने भी कड़ा संज्ञान लिया था।
दूसरे ही दिन स्कूल को निजी भवन में शिफ्ट कर दिया गया था। इसके बाद शिक्षा विभाग ने कमैहरी स्कूल भवन के निर्माण के लिए 8.90 लाख रुपये जारी कर दिए हैं। डीसी मंडी ने भी स्कूल के लिए एक लाख रुपये दिए हैं। 24 दिन बाद अब ‘अमर उजाला’ के प्रयासों से स्कूल के 52 बच्चों को जल्द भवन मिलेगा।
शनिवार को कमैहरी प्राइमरी स्कूल की आधारशिला सीपीएस मनसाराम ने रखी। खबर छपने के बाद 1 लाख 15 हजार रुपये से शौचालय भवन का निर्माण भी पंचायत ने शुरू कर दिया है। सीपीएस मनसाराम ने मुख्यमंत्री का आभार जताया। कहा कि शिक्षा सरकार की प्राथमिकता में है।
क्षेत्र में रिक्त अध्यापकों के पद जल्द भरे जाएंगे। जिन स्कूलों में भवनों की कमी है, वहां भवनों का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सोमाकोठी में दो अतिरिक्त कमरों का शिलान्यास किया। इसका निर्माण लगभग 33 लाख रुपये से होगा।
पंचायत प्रधान भोलादत्त, एसएमसी प्रधान चमन ठाकुर और बच्चों के अभिभावकों ने ‘अमर उजाला’ का धन्यवाद किया है। साथ ही स्कूल भवन का निर्माण शुरू करने पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का आभार जताया है। इस दौरान ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष पृथी सिंह नेगी, रूपलाल ठाकुर, संजय मेहता, ठाकुरदास और रमेश कुमार आदि मौजूद रहे।
जंबूखाला स्कूल को मिली एक और झोपड़ी, मिडल स्कूल शुरू
पहले से झोपड़ी में चल रहा पांवटा दून के जंबूखाला स्कूल को एक और झोपड़ी मिल गई है। झोपड़ी में चल रहे प्राइमरी स्कूल को अपग्रेड कर मिडल बना दिया गया था। एक और झोपड़ी मिलते ही शनिवार को मिडल स्कूल का स्थानीय विधायक चौधरी किरनेश जंग ने विधिवत उद्घाटन किया।
बता दें कि बरसों से आवाज तो उठ रही है, लेकिन अभी तक जमीन शिक्षा विभाग के नाम नहीं हो पाई है। लिहाजा, मिडल स्कूल भी झोपड़ी में ही चलेगा। झोपड़ीनुमा स्कूल भवन के मामले को अमर उजाला ने कई बार प्रमुख्ता से उठाया है। स्कूल दूर होने की वजह से इस इलाके के बच्चे बीच में ही पढ़ाई छोड़ देते थे।
अब बच्चों को राहत मिल गई है।अजौली पंचायत प्रधान ममता चौधरी, सुनील चौधरी, रामनाथ, नूरा, जगदीश, ओम प्रकाश, यूसुफ अली, इशा खान, सफदीन व वार्ड सदस्य गामी ने कहा कि दशकों से पिछड़े क्षेत्र की समस्या आ रही थी।
अपग्रेड होने के बाद स्थानीय निवासी यूसुफ अली व नूर मोहम्मद ने स्कूल की कक्षाओं को शुरू करने के लिए 3 झोपड़ियां दी हैं। 14 बच्चों ने छठी कक्षा में प्रवेश ले लिया है। ग्राम पंचायत व गांव वासियों ने विधायक का आभार प्रकट किया है।