फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   CPRI Shimla: Developed 17 varieties of potatoes, got outstanding ranking on many achievements

सीपीआरआई शिमला: आलू की 17 किस्में विकसित कीं, कई उपलब्धियों पर मिली आउटस्टैंडिंग रैंकिंग

Tue, 11 Feb 2025 12:13 PM IST
Krishan Singh विश्वास भारद्वाज, शिमला
विश्वास भारद्वाज, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Tue, 11 Feb 2025 12:13 PM IST
सार

एरोपोनिक तकनीक से आलू बीज उत्पादन की लाइसेंसिंग शुरू करने, पांच वर्षों में आलू की 17 नई किस्में विकसित करने और आलू बीज निमेटोड का तोड़ निकालने सहित अन्य उपलब्धियों के लिए सीपीआरआई को ग्रेडिंग मिली है। 

विज्ञापन
CPRI Shimla: Developed 17 varieties of potatoes, got outstanding ranking on many achievements
सीपीआरआई शिमला को मिली आउटस्टैंडिंग रैंकिंग - फोटो : संवाद

विस्तार

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) की पंचवर्षीय समीक्षा में सीपीआरआई (केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान) शिमला को आउटस्टैंडिंग रैंकिंग मिली है। एरोपोनिक तकनीक से आलू बीज उत्पादन की लाइसेंसिंग शुरू करने, पांच वर्षों में आलू की 17 नई किस्में विकसित करने और आलू बीज निमेटोड का तोड़ निकालने सहित अन्य उपलब्धियों के लिए सीपीआरआई को ग्रेडिंग मिली है। सोमवार को आईसीएआर की ओर से गठित कमेटी ने सीपीआरआई के पिछले पांच वर्षों की उपलब्धियों पर आधारित   रिपोर्ट संस्थान के महानिदेशक को सौंपी।

विज्ञापन


रिपोर्ट में विशेष तौर पर सीपीआरआई की ओर से एरोपोनिक तकनीक से उच्च गुणवत्ता के आलू बीज का उत्पादन करने की लाइसेंसिंग शुरू करने की प्रशंसा की गई। संस्थान अब तक 35 आलू बीज उत्पादकों को एरोपोनिक तकनीक से आलू बीज तैयार करने का लाइसेंस जारी कर चुका है। देश में अच्छी गुणवत्ता का वायरस रहित आलू बीज तैयार करने के लिए सीपीआरआई ने एरोपोनिक तकनीक इजाद की है।
विज्ञापन


इसके अलावा बीते पांच सालों में देश के अलग अलग क्षेत्रों के लिए जलवायु के अनुसार आलू बीज की 17 किस्में विकसित करने को भी बड़ी उपलब्धि माना गया है। सीपीआरआई शिमला ने शोध के बाद निमेटोड (कृमि सूत्र) का तोड़ निकाला है जिससे हिमाचल सहित अन्य पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर राज्यों में हिमालिनी, गिरधारी, ज्योति और हिमसोना जैसी किस्मों के आलू बीज का संकट खत्म हो गया है। केंद्र सरकार ने निमोटेड के चलते सीपीआरआई के कुफरी और फागू आलू बीज फार्म में चार साल से पैदावार पर रोक लगा दी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


संस्थान के वैज्ञानिकों ने एक ऐसा रसायन तैयार किया जिससे कृमि सूत्र और उसके अंडों को पूरी तरह से नष्ट किया जा सकता है। आईसीएआर नई दिल्ली ने 11 जून 2024 को पंचवर्षीय समीक्षा टीम (क्यूआरटी) का गठन किया था, जिसमें बीसीकेवी कल्याणी पश्चिम बंगाल के पूर्व कुलपति प्रोफेसर चित्तरंजन कोले को अध्यक्ष, पूर्व निदेशक आईसीएआर-भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान डॉ. पीएस नाइक, पूर्व परियोजना समन्वयक एआईसीआरपी डॉ. पीएम गोविंद कृष्णन सहित अन्य विशेषज्ञों को सदस्य बनाया था। सीपीआरआई के प्रधान वैज्ञानिक और फसल उत्पादन विभाग के प्रमुख डॉ. जगदेव शर्मा टीम के सदस्य सचिव थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed