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जब कोर्ट में बोले जज, 'क्यों न रेलगाड़ियां जब्त कर ली जाएं'

Tue, 13 Oct 2015 10:47 AM IST
Updated Tue, 13 Oct 2015 10:47 AM IST
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court summons to section engineer of railway for delay in compensation to farmers.

उत्तरी रेलवे द्वारा किसानों की भूमि अधिग्रहण के बदले समय पर मुआवजा न देने पर अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय-1 के न्यायाधीश देवेंद्र कुमार शर्मा ने रेलवे द्वारा ट्रैक के निर्माण को अधिगृहित बसाल के किसान गंगा राम की भूमि के मुआवजा मामले की सुनवाई करते हुए रेलवे द्वारा मुआवजा अदायगी में की जा रही देरी को लेकर अधिकारियों को फटकार लगाई है।

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कोर्ट ने रेलवे को सीधे शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि रेलवे इस मामले में और ढील बरतेगा तो उसकी संपत्तियों को जब्त किया जाएगा। किसान के अधिवक्ता अरुण कुमार सैणी ने बताया कि न्यायाधीश ने मामले की अगली सुनवाई के दौरान 6 नवंबर, 2015 को रेलवे के सेक्शन इंजीनियर को अदालत में पेश होने के भी आदेश दिए हैं।

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कहा, क्यों न संपत्तियों या रेलगाड़ियों को अटैच किया जाए

court summons to section engineer of railway for delay in compensation to farmers.

कहा गया है कि सेक्शन इंजीनियर सुनवाई में हाजिर होकर बताएं कि रेलवे अधिकारियों के असहयोगपूर्ण रवैये के चलते रेलवे की संपत्तियों या रेलगाड़ियों को क्यों न अटैच किया जाए। अदालत ने इस केस की पिछली सुनवाई 22 सितंबर 2015 को की थी।

तब कोर्ट ने रेलवे को बसाल के किसान की अधिगृहित भूमि के बदले 5 लाख 69 हजार 674 रुपये की मुआवजा राशि 12 अक्तूबर को अदा करने के आदेश जारी किए थे। लेकिन रेलवे द्वारा मुआवजा राशि जमा न करवाने के चलते कोर्ट ने चेतावनी दी है कि अगर रेलवे का यही रवैया रहा तो अदालत संपत्तियों को जब्त करने के आदेश जारी कर देगी।

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