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Shimla News: अब बैंक नहीं, इंश्योरेंस कंपनी देगी 12.81 लाख रुपये
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2023 के फैसले में कांगड़ा आयोग ने बैंक और बीमा कंपनी पर लगाया था जुर्मानाबारिश और बाढ़ के कारण बीमित मकान हो गया था क्षतिग्रस्त
बीमा कंपनी को 9 प्रतिशत की दर से ब्याज देने के दिए आदेश
दीपक मेहता
शिमला। हिमाचल राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने 7 साल पुराने मामले में कांगड़ा उपभोक्ता आयोग के कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड (केसीसी) और बजाज एलियांज जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के खिलाफ पारित फैसले को रद्द कर दिया है। राज्य आयोग के अध्यक्ष एवं न्यायमूर्ति इंदर सिंह मेहता ने दो अपीलों का निपटारा करते हुए अब केसीसी बैंक की बजाय इंश्योरेंस कंपनी को मकान की क्षतिपूर्ति के लिए शिकायतकर्ता को 12.81 लाख रुपये भुगतान करने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही आयोग ने 26 अगस्त, 2023 को कांगड़ा आयोग के फैसले में संशोधित करते हुए बीमा कंपनी को 10.25 की बजाय 9 प्रतिशत की दर से ब्याज देने का फैसला सुनाया है।
शिकायतकर्ता गगन सिंह ने घर के निर्माण के लिए कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक रुल्हेड़ शाखा से 10 लाख रुपये का ऋण लिया था। गृह ऋण को सुरक्षित करने के लिए बैंक ने बीमा कंपनी के साथ उपरोक्त भवन को 20 जुलाई, 2020 से 19 जुलाई 2030 तक के लिए 17.50 लाख रुपये का बीमा किया था। 12 जुलाई 2021 को भारी बारिश और बाढ़ के कारण भवन नष्ट हो गया। गगन ने इस बाबत सूचित किया, लेकिन बीमा कंपनी ने शिकायतकर्ता के दावे का निपटारा नहीं किया। उपभोक्ता ने जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दी। आयोग ने जांच में पाया कि बैंक ने ऋण स्वीकृत करने तथा बीमा कंपनी के साथ शिकायतकर्ता का ऋण सुरक्षित करने में लापरवाही की है।
26 अगस्त, 2023 को आयोग ने बैंक और बीमा कंपनी को शिकायतकर्ता को 12,81,836 की राशि 10.25 प्रति वर्ष की ब्याज दर के साथ देने का फैसला सुनाया। इसके बाद विपक्षी पक्षों ने जिला आयोग के आदेश के विरुद्ध राज्य उपभोक्ता आयोग के समक्ष अपील दायर की। उधर, उपभोक्ता आयोग ने अपीलों को स्वीकार करते हुए जिला आयोग की ओर से पारित आदेश को रद्द करते हुए शिकायतकर्ता को 50 हजार रुपये का मुआवजा और 20 हजार रुपये मुकदमा खर्च अदा करने के भी निर्देश दिए हैं।
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बीमा कंपनी को 9 प्रतिशत की दर से ब्याज देने के दिए आदेश
दीपक मेहता
शिमला। हिमाचल राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने 7 साल पुराने मामले में कांगड़ा उपभोक्ता आयोग के कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड (केसीसी) और बजाज एलियांज जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के खिलाफ पारित फैसले को रद्द कर दिया है। राज्य आयोग के अध्यक्ष एवं न्यायमूर्ति इंदर सिंह मेहता ने दो अपीलों का निपटारा करते हुए अब केसीसी बैंक की बजाय इंश्योरेंस कंपनी को मकान की क्षतिपूर्ति के लिए शिकायतकर्ता को 12.81 लाख रुपये भुगतान करने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही आयोग ने 26 अगस्त, 2023 को कांगड़ा आयोग के फैसले में संशोधित करते हुए बीमा कंपनी को 10.25 की बजाय 9 प्रतिशत की दर से ब्याज देने का फैसला सुनाया है।
शिकायतकर्ता गगन सिंह ने घर के निर्माण के लिए कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक रुल्हेड़ शाखा से 10 लाख रुपये का ऋण लिया था। गृह ऋण को सुरक्षित करने के लिए बैंक ने बीमा कंपनी के साथ उपरोक्त भवन को 20 जुलाई, 2020 से 19 जुलाई 2030 तक के लिए 17.50 लाख रुपये का बीमा किया था। 12 जुलाई 2021 को भारी बारिश और बाढ़ के कारण भवन नष्ट हो गया। गगन ने इस बाबत सूचित किया, लेकिन बीमा कंपनी ने शिकायतकर्ता के दावे का निपटारा नहीं किया। उपभोक्ता ने जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दी। आयोग ने जांच में पाया कि बैंक ने ऋण स्वीकृत करने तथा बीमा कंपनी के साथ शिकायतकर्ता का ऋण सुरक्षित करने में लापरवाही की है।
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26 अगस्त, 2023 को आयोग ने बैंक और बीमा कंपनी को शिकायतकर्ता को 12,81,836 की राशि 10.25 प्रति वर्ष की ब्याज दर के साथ देने का फैसला सुनाया। इसके बाद विपक्षी पक्षों ने जिला आयोग के आदेश के विरुद्ध राज्य उपभोक्ता आयोग के समक्ष अपील दायर की। उधर, उपभोक्ता आयोग ने अपीलों को स्वीकार करते हुए जिला आयोग की ओर से पारित आदेश को रद्द करते हुए शिकायतकर्ता को 50 हजार रुपये का मुआवजा और 20 हजार रुपये मुकदमा खर्च अदा करने के भी निर्देश दिए हैं।
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