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Shimla News: अदालत ने परीक्षा में नकल के आरोपी छात्र को 21 दिन की दी अंतरिम जमानत

Sun, 11 Jan 2026 11:55 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 11 Jan 2026 11:55 PM IST
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court decession in cheating in exam
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश-1 प्रवीण गर्ग की अदालत ने कहा, उच्च शिक्षा भी व्यक्तिगत विकास, आजीविका और गरिमा के लिए आवश्यक
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश-1 प्रवीण गर्ग ने एक महत्वपूर्ण फैसले में परीक्षा में अनुचित साधनों (चिटिंग/नकल) के मामले में आरोपी छात्र मनीष कुमार को 21 दिनों की अंतरिम जमानत प्रदान की है। यह जमानत 10 जनवरी से 30 जनवरी तक वैध है, जिससे वह अपने सप्लीमेंट्री/री-अपीयर परीक्षाओं में शामिल हो सकेगा और अपनी बैचलर ऑफ आर्ट्स की डिग्री पूरी कर सकेगा। आरोपी मनीष कुमार हरियाणा के झज्जर जिले का रहने वाला है और सुरेश ज्ञान विहार यूनिवर्सिटी, जयपुर में बीए का छात्र है। सदर पुलिस स्टेशन शिमला में उसके खिलाफ लोक परीक्षा अनुचित साधन निवारण अधिनियम, 2024 की धारा 10 एवं 11 के तहत केस दर्ज है। आरोपी मई 2025 से न्यायिक हिरासत में था। उसने पहले कई जमानत याचिकाएं दायर कीं, जो अदालत और हिमाचल हाईकोर्ट ने खारिज कर दी थीं। वर्तमान याचिका बीएनएसएस की धारा 483 के तहत दायर की गई है। इसमें केवल 21 दिनों की अंतरिम जमानत मांगी गई जिससे वह 17 से 29 जनवरी तक चलने वाली छठे सेमेस्टर की सप्लीमेंट्री परीक्षाओं में भाग ले सकेगा। इसके लिए यूनिवर्सिटी ने परीक्षा शेड्यूल जारी किया है और एक पेपर कोड पीवाई-305 30 जनवरी तक हो सकता है। अदालत ने यूनिवर्सिटी से प्राप्त बोनाफाइड सर्टिफिकेट और एडमिट कार्ड के आधार पर छात्र की दलील को सही माना। अभियोजन पक्ष ने इन दस्तावेजों की प्रामाणिकता पर कोई आपत्ति नहीं जताई। जून-जुलाई 2025 में मुख्य परीक्षाओं के दौरान हिरासत के कारण छात्र छठे सेमेस्टर में फेल हो गया था। अब असाइनमेंट्स पूरा करके परीक्षा देने की जरूरत है, अन्यथा डिग्री पूरी नहीं हो पाएगी।

अदालत ने कहा कि शिक्षा का अधिकार आर्टिकल 21ए से आगे भी अनुच्छेद 21 जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अभिन्न अंग है। 6-14 वर्ष के बच्चों के लिए स्पष्ट मौलिक अधिकार है, लेकिन उच्च शिक्षा भी व्यक्तिगत विकास, आजीविका और गरिमा के लिए आवश्यक है। आरोपी की रिहाई सीमित और नियंत्रित है, इसलिए गवाहों को प्रभावित करने या सबूतों से छेड़छाड़ का खतरा कम है। चार्जशीट दाखिल हो चुकी है और 13 जनवरी 2026 को चार्ज पर विचार होना है।
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