26 मार्च, 2022 को पंजाब रोडवेज की बस में आरोपियों के कब्जे से चिट्टा बरामदगी के लगे थे आरोपसंवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जिला अदालत ने चिट्टे के मामले में तहसील डोडरा क्वार के दो युवकों को दोष सिद्ध नहीं होने पर बरी कर दिया है। विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस) की अदालत ने यह फैसला सुनाय है। मामला राजधानी के बालूगंज थाना क्षेत्र में 26 मार्च, 2022 में पंजीकृत किया गया था। पुलिस स्पेशल सेल की टीम यातायात जांच के लिए कच्चीघाटी, टुटू, घणाहट्टी, तारादेवी और शोघी क्षेत्र में गश्त कर रही थी। दोपहर करीब 2:15 बजे टीम ने शोघी में पंजाब रोडवेज की बस को जांच के लिए रोका। सीट नंबर 28 पर नितिन खेपन और रोहन कुमार सीट नंबर 27 पर बैठे थे। आरोप लगे थे कि नितिन खेपन से तलाशी के दौरान 10.07 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद हुआ। इसके बाद आरोपियों को बालूगंज थाना पुलिस के हवाले किया गया। आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए गए। इस दौरान इन्होंने खुद को निर्दोष बताया और मुकदमे की मांग की। उधर, आरोपियों के खिलाफ मामले को साबित करने के लिए अभियोजन पक्ष ने मामले में 22 गवाहों की जांच की, लेकिन पर्याप्त सबूत न होने के कारण अदालत ने अभियुक्तों को एनडीपीएस अधिनियम की धारा 20, 29 के तहत दंडनीय कथित अपराध से दोषमुक्त कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया है कि अभियोजन पक्ष अभियुक्त व्यक्तियों के खिलाफ सभी उचित संदेह से परे आरोप साबित करने में विफल रहा है। संवाद