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Shimla News: दुर्घटना में मृतक के परिजनों को मुआवजा न देने पर दोषी की संपत्ति कुर्क करने के आदेश
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अमर उजाला एक्सक्लूसिव
न्यायाधिकरण ने 14 अगस्त को कलेक्टर से तलब की रिपोर्ट, 26 फरवरी 2024 को मृतक के आश्रितों को 35.92 लाख मुआवजे देने के दिए थे आदेश
साल 2022 को यूपी के सहारनपुर से सेब बेचकर घर आते समय मुकेश की हादसे में हो गई थी मौत
मृतक के आश्रितों ने उचित मुआवजे के लिए एमएसीटी में लगाई थी गुहार
दीपक मेहता
शिमला। जिले के उपमंडल चौपाल में सड़क दुर्घटना में मरने वाले व्यक्ति के परिजनों को मुआवजा न देने पर अदालत ने दोषी व्यक्ति की संपत्ति अटैच (कुर्क) करने के आदेश दिए हैं। 26 फरवरी 2024 को पारित आदेश के तहत मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) ने तहसील नेरवा निवासी दोषी श्याम सिंह (महिंद्रा बोलेरो के मालिक) को 35.92 लाख रुपये मुआवजे का भुगतान करने के आदेश दिए थे, लेकिन दोषी ने इस आदेश का पालन नहीं किया। अब न्यायाधीश दविंदर कुमार की अदालत ने आवेदन को स्वीकार करते हुए मुआवजे की राशि वसूली के लिए उसकी संपत्ति को कुर्क करने का आदेश दिया है। साथ ही मामले में संबंधित कलेक्टर से 14 अगस्त को रिपोर्ट मंगवाई है।
कार्यालय आदेश 21 जून 2025 के अनुसार मामले की सुनवाई में दलील दी गई कि इस न्यायालय के 26 फरवरी 2024 के आदेश के तहत दोषी ने याचिकाकर्ताओं के पक्ष में 35.92 लाख रुपये की कोई भी राशि जमा नहीं की है। 12 दिसंबर 2024 तक राशि 40,46,030 रुपये हो गई। अब दोषी की संपत्ति को कुर्क किया जाए। विपक्षी पक्ष ने दलील दी कि मुआवजा अत्यधिक है और अपीलकर्ता/दोषी श्याम सिंह इस राशि को जमा करने की स्थिति में नहीं है, वह बीपीएल परिवार से संबंधित है। साथ ही सह-स्वामी के बीच कोई विभाजन नहीं है कि संपत्ति को कुर्क या बेचा जा सके। प्रार्थना की गई है कि आवेदन को खारिज कर दिया जाए। न्यायाधिकरण ने स्पष्ट किया कि दायर की गई आपत्तियों में कोई तथ्य नहीं है। आदेश दिए कि दोषी की संपत्ति का हिस्सा 35.92 लाख रुपये की धनराशि के साथ कुर्क किया जाए। उल्लेखनीय है कि दोषी श्याम सिंह ने 26 फरवरी 2024 के आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील दायर की है, लेकिन उच्च न्यायालय ने कोई स्थगन आदेश नहीं दिया।
2022 में हुई थी दुर्घटना, कोर्ट के 26 फरवरी 2024 के आदेश
एमएसीटी के अनुसार 26 जुलाई, 2022 को तहसील नेरवा के रोहाना इलाके में एक बोलेरो पिकअप दुर्घटनाग्रस्त हुई थी। इसमें 36 वर्षीय मुकेश पुत्र लच्छी राम की मौके पर ही मौत हो गई थी। मृतक उक्त वाहन में सेब बेचकर सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) से बामटा लौट रहा था। इसके बाद उसके परिवार ने मुआवजे की मांग करते हुए एमएसीटी से संपर्क किया। एमएसीटी ने माना कि दुर्घटना के समय वाहन बीमा पॉलिसी की शर्तों का उल्लंघन करते हुए चलाया जा रहा था। वाहन का वैध बीमा कवर नहीं था। 26 फरवरी 2024 को एमएसीटी ने प्रतिवादी श्याम सिंह (बोलेरो पिकअप के मालिक) और अजीत ( ड्राइवर) को 30 दिनों के भीतर संयुक्त रूप से और अलग-अलग याचिकाकर्ताओं को याचिका दायर से वसूली तक 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ 35.92 लाख रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया था।
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न्यायाधिकरण ने 14 अगस्त को कलेक्टर से तलब की रिपोर्ट, 26 फरवरी 2024 को मृतक के आश्रितों को 35.92 लाख मुआवजे देने के दिए थे आदेश
साल 2022 को यूपी के सहारनपुर से सेब बेचकर घर आते समय मुकेश की हादसे में हो गई थी मौत
मृतक के आश्रितों ने उचित मुआवजे के लिए एमएसीटी में लगाई थी गुहार
दीपक मेहता
शिमला। जिले के उपमंडल चौपाल में सड़क दुर्घटना में मरने वाले व्यक्ति के परिजनों को मुआवजा न देने पर अदालत ने दोषी व्यक्ति की संपत्ति अटैच (कुर्क) करने के आदेश दिए हैं। 26 फरवरी 2024 को पारित आदेश के तहत मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) ने तहसील नेरवा निवासी दोषी श्याम सिंह (महिंद्रा बोलेरो के मालिक) को 35.92 लाख रुपये मुआवजे का भुगतान करने के आदेश दिए थे, लेकिन दोषी ने इस आदेश का पालन नहीं किया। अब न्यायाधीश दविंदर कुमार की अदालत ने आवेदन को स्वीकार करते हुए मुआवजे की राशि वसूली के लिए उसकी संपत्ति को कुर्क करने का आदेश दिया है। साथ ही मामले में संबंधित कलेक्टर से 14 अगस्त को रिपोर्ट मंगवाई है।
कार्यालय आदेश 21 जून 2025 के अनुसार मामले की सुनवाई में दलील दी गई कि इस न्यायालय के 26 फरवरी 2024 के आदेश के तहत दोषी ने याचिकाकर्ताओं के पक्ष में 35.92 लाख रुपये की कोई भी राशि जमा नहीं की है। 12 दिसंबर 2024 तक राशि 40,46,030 रुपये हो गई। अब दोषी की संपत्ति को कुर्क किया जाए। विपक्षी पक्ष ने दलील दी कि मुआवजा अत्यधिक है और अपीलकर्ता/दोषी श्याम सिंह इस राशि को जमा करने की स्थिति में नहीं है, वह बीपीएल परिवार से संबंधित है। साथ ही सह-स्वामी के बीच कोई विभाजन नहीं है कि संपत्ति को कुर्क या बेचा जा सके। प्रार्थना की गई है कि आवेदन को खारिज कर दिया जाए। न्यायाधिकरण ने स्पष्ट किया कि दायर की गई आपत्तियों में कोई तथ्य नहीं है। आदेश दिए कि दोषी की संपत्ति का हिस्सा 35.92 लाख रुपये की धनराशि के साथ कुर्क किया जाए। उल्लेखनीय है कि दोषी श्याम सिंह ने 26 फरवरी 2024 के आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील दायर की है, लेकिन उच्च न्यायालय ने कोई स्थगन आदेश नहीं दिया।
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2022 में हुई थी दुर्घटना, कोर्ट के 26 फरवरी 2024 के आदेश
एमएसीटी के अनुसार 26 जुलाई, 2022 को तहसील नेरवा के रोहाना इलाके में एक बोलेरो पिकअप दुर्घटनाग्रस्त हुई थी। इसमें 36 वर्षीय मुकेश पुत्र लच्छी राम की मौके पर ही मौत हो गई थी। मृतक उक्त वाहन में सेब बेचकर सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) से बामटा लौट रहा था। इसके बाद उसके परिवार ने मुआवजे की मांग करते हुए एमएसीटी से संपर्क किया। एमएसीटी ने माना कि दुर्घटना के समय वाहन बीमा पॉलिसी की शर्तों का उल्लंघन करते हुए चलाया जा रहा था। वाहन का वैध बीमा कवर नहीं था। 26 फरवरी 2024 को एमएसीटी ने प्रतिवादी श्याम सिंह (बोलेरो पिकअप के मालिक) और अजीत ( ड्राइवर) को 30 दिनों के भीतर संयुक्त रूप से और अलग-अलग याचिकाकर्ताओं को याचिका दायर से वसूली तक 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ 35.92 लाख रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया था।
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